नाजायज संबंध बनाने का बना रहा था दवाब
छात्रा के पिता दुष्यंत सिंह का कहना है कि उनकी बेटी रुचि (23) को पिछले छह महीने से गांव का ही अरुण ब्लैकमेल कर रहा था। अरुण ने युवती की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उससे अब तक 52 हजार रुपये भी ऐंठ लिए थे। ब्लैकमेलिंग का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। अरुण ने रुचि पर नाजायज संबंध बनाने का दबाव भी बनाया, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान थी।
भाभी मोनिका को बताई थी मन की बात
31 जुलाई की शाम रुचि ने अपनी भाभी मोनिका को इस बारे में बताया। उसने यह भी बताया कि कुछ दिन पूर्व जब वह पढ़ाई के लिए हसनपुर जा रही थी, तो अरुण ने साजिश रचकर एक बाइक सवार के साथ उसकी तस्वीर खींच ली और उसे ब्लैकमेल करने लगा। लोक-लाज के डर से उसने यह बात किसी को नहीं बताई थी।
पंखे से लटकी थी रुचि की लाश
एक अगस्त की सुबह जब रुचि अपने कमरे से बाहर नहीं निकली, तो परिजनों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। रुचि का शव पंखे से लटका हुआ था। उसके हाथ पर सुसाइड नोट भी लिखा हुआ था, जिसमें मौत का जिम्मेदार अरुण को ठहराया गया था। उसने अपनी हथेली पर सुसाइड नोट लिखने की वजह भी बताई। रूचि का मानना था कि लोग कागज को फाड़कर फेंक देते हैं, इसलिए हाथ पर लिखकर मौत को गले लगाया।
पुलिस का बयान
मौके पर पहुंची पुलिस कानूनी कार्रवाई में जुट गई। दुष्यंत सिंह ने आरोप लगाया है कि अरुण और उसके भाई सुशील ने मिलकर उनकी बेटी को जान से मारने की धमकी भी दी थी, जिससे परेशान होकर ही उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।