अमरोहा। त्योहारी सीजन में बैंक ऑफ बड़ौदा व यूपी ग्रामीण बैंक का तकनीकी मर्जर का कार्य बैंक उपभोक्ताओं की परेशानी का सबब बन गया। जरूरत के लिए बैंक से न तो लेनदेन ही हो पा रहा है और न ही यूपीआई के द्वारा धनराशि भेजी जा रही है। शनिवार चार अक्तूबर तक अभी यह कार्य किया जाना है। पांच अक्तूबर को रविवार के चलते भी बैंक की सेवाएं बाधित रहेंगी।
सरकार ने एक राज्य एक ग्रामीण बैंक योजना के तहत प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक व बैंक ऑफ बड़ौदा का आपस में मर्जर किया गया था लेकिन दोनों बैंकों का तकनीकी रूप से मर्जिंग नहीं हो सका था। इसके बाद बैंक का नाम उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक कर दिया गया था। एक अक्तूबर से बैंक ने इस तकनीकी मर्जर की कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद बैंक उपभोक्ताओं को संदेश भेजकर इसकी जानकारी भी थी लेकिन त्योहारी सीजन में बैंक की इस कार्रवाई ने उपभोक्ताओं को परेशानी में डाल दिया है।
जिले की 126 बैंक शाखाओं से जुड़े लाखों उपभोक्ता लेन-देन न होने की परेशानी से जूझ रहे हैं जिसके चलते न तो बैंक में ही कुछ काम हो पा रहा है और न ही यूपीआई के माध्यम से लेन-देन की सुविधा मिल पा रही है। साथ ही एटीएम व इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। बैंक के अनुसार पांच अक्टूबर तक लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
इसके बाद बैंक को नया आईएफएससी कोड जारी कर दिया जाएगा। जिसके बाद बैंक की सभी सुविधाएं भी बहाल भी हो जाएंगी। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के प्रबंधक मनोनीत कुमार सैनी ने बताया कि बैंक की तकनीकी सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए समस्या हो रही है। सोमवार से बैंक की सेवाएं बहाल हो सकती हैं। संवाद