अमरोहा। अतिक्रमण हटाने को लेकर डेढ़ सौ दुकानों और शोरूम पर लाल निशान लगने के बाद व्यापारियों में रोष व्याप्त है। व्यापारी आंदोलन करने की तैयारी में हैं, वहीं प्रशासन के मनमानी करने पर कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। वहीं, व्यापारी लगातार प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर नाराजगी जता चुके हैं।
बिजनौर रोड पर दुकानों के आगे रखे सामानों के कारण अतिक्रमण के चलते अधिकांश जाम की स्थिति रहती है। एडीएम प्रशासन सुरेंद्र सिंह के निर्देश पर विनियमित प्राधिकारी व पीडब्ल्यूडी विभाग व नगर पालिका की संयुक्त टीमों ने अतिक्रमण के दायरे में आ रहीं डेढ़ सौ से अधिक दुकानों और शोरूम पर लाल निशान लगाए हैं। ये दुकान व शोरूम तोड़े जा सकते हैं। तब से प्रशासन के इस कदम से व्यापारियों में दहशत और असमंजस का माहौल है। वहीं, व्यापारी सुरक्षा फोरम, उद्योग व्यापार मंडल व अन्य व्यापारी संगठनों से जुड़े व्यापारियों ने डीएम राजेश कुमार त्यागी को ज्ञापन देकर नाराजगी जताई है।
क्या बोले व्यापारी
अधिकांश दुकानें 50 से 70 साल पुरानी हैं, उसे समय तो ये दुकान पीडब्ल्यूडी की जमीन में नहीं थीं, लेकिन अब कैसे दुकानें सड़क में आ सकती हैं। ये पीडब्ल्यूडी की सोची समझी साजिश है। दुकानों पर लाल निशान लगाना व्यापारियों का उत्पीड़न करने जैसा है।- सिद्धराज यादव, व्यापारी
- विनियमित प्राधिकारी व पीडब्ल्यूडी विभाग व नगर पालिका की संयुक्त टीमों ने अतिक्रमण के दायरे में आ रहीं डेढ़ सौ से अधिक दुकानों और शोरूम पर लाल निशान लगाए हैं। ये दुकान व शोरूम तोड़े जा सकते हैं। अगर दुकानें टूटीं तो सबकुछ बर्बाद हो जाएगा।-मोहम्मद शजर, व्यापारी
प्रशासन ने बिना नोटिस दिए बरसात के दौरान दुकानों के बाहर लाल निशान लगाएं हैं, जोकि गलत हैं। प्रशासन द्वारा लगाए गए निशान के हिसाब से मेरी पूरी दुकान खत्म हो रही हैं। जिसके कारण हम बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार को सड़क का चौड़ीकरण करना है तो हिसाब से करे, जिसे व्यापारी को नुकसान न पहुंचे।- विपिन कुमार, व्यापारी
महायोजना का लाभ मिलना अच्छी बात है। लेकिन, सरकार इस तरह से सड़क का चौड़ीकरण करें, जिससे कि दुकानदार को किसी भी तरह से नुकसान न पहुंचे। लाल निशान की हद में मेरी पूरी दुकान आ रही है। मैंने कुछ महीने पहले ही कर्ज लेकर दुकान में माल भरा है। यदि ऐसा हुआ तो पूरा परिवार सड़क पर आ जाएगा। - नवीन गोले, व्यापारी