अमरोहा। गणतंत्र दिवस के मौके पर सपाइयों ने कृषि कानूनों के विरोध में ट्रैक्टर मार्च निकालने की कोशिश की। मौके पर पहुंच पुलिस ने सपाइयों को नजरबंद कर लिया। अमरोहा विधायक महबूब अली अपने कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर आ गए। ट्रैक्टर मार्च निकालने की कोशिश की। घर से निकलते ही पुलिस ने उन्हें घेर लिया। रस्सी बांधकर आजाद रोड को सील कर दिया। पुलिस और सदर विधायक के बीच जमकर नोकझोंक हुई। घंटों तक हंगामे और अफरातफरी की स्थिति बनी रही। सपाइयों ने भाजपा सरकारों के खिलाफ नारेबाजी की। सरकार पर गणतंत्र दिवस के दिन भी जंगलराज और इमरजेंसी जैसे हालात बनाने का आरोप लगाया। पुलिस के तल्ख तेवरों के बीच ट्रैक्टर मार्च नहीं निकल सका। मार्च के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई।
कृषि कानूनों के विरोध में किसान उग्र आंदोलन कर रहे हैं। कांग्रेस और सपा सहित तमाम विपक्षी दल आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों ने दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च निकाल कर अराजकता फैलाई गई। वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आवाहन पर स्थानीय सपाइयों ने ट्रैक्टर मार्च निकालने की ठान ली। हसनपुर में पूर्व मंत्री कमाल अख्तर, अमरोहा में सदर विधायक महबूब अली और नौगांवा सादात में मौलाना जावेद आब्दी के नेतृत्व में ट्रैक्टर मार्च निकालना प्रस्तावित कर लिया था। मंगलवार को सदर विधायक महबूब अली के आवास के बाहर ट्रैक्टर एकत्र कर लिए गए। सूचना मिलते ही सीओ विजय कुमार राना, इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह और सैदनगली एसओ राजीव शर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और आजाद रोड को कब्जे में ले लिया। सदर विधायक महबूब अली अपने कार्यकर्ता और समर्थकों के साथ घर से बाहर निकले तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान सदर विधायक और सीओ सिटी के बीच जमकर नोकझोंक हुई। रस्सी बांधकर रास्ता रोकने पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि सफाई व्यवस्था नहीं चला रहे हैं, जंगलराज बना रखा है, इमरजेंसी जैसे हालात बना दिए हैं। रस्सी खोलने को लेकर पुलिस और सपाइयों के बीच धक्का-मुक्की जैसे हालात बन गए। काफी देर तक अफरातफरी मची रही। हालांकि पुलिस की सख्ती के चलते सपाइयों ने ट्रैक्टरों पर बैठक मार्च निकालने के नाम पर खानापूर्ति की और बाद में अपने अपने घर लौट गए। जबकि, सदर विधायक को पुलिस ने शाम तक घर में ही नजरबंद कर रखा था। सीओ सिटी ने बताया कि सपाइयों के द्वारा ट्रैक्टर मार्च की कोई अनुमति नहीं ली थी। जिस कारण उन्हें मार्च नहीं निकालने दिया गया था। फिलहाल मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।