हसनपुर में पीट-पीटकर की गई क्लीनिक संचालक कोशिंदर (26) की हत्या में अब नया मोड़ आया है। संचालक की प्रेमिका ने ही पीछा छुड़ाने के लिए पति के साथ मिलकर 30 मार्च की दोपहर को वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद फोन कर महिला ने भाई को भी बुलाया था। अंधेरा होने पर तीनों ने शव को ठिकाने लगाया था।
एसपी अमित कुमार आनंद ने बुधवार को पुलिस ऑफिस में कोशिंदर हत्याकांड का खुलासा किया। साथ ही मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया। हालांकि, मामले में परिजनों ने पहले गांव के ही दो नामजद सहित 14 लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
हसनपुर क्षेत्र के गांव अल्लीपुर खादर निवासी कोशिंदर आदमपुर क्षेत्र के गांव साथलपुर में क्लीनिक चलाते थे। रविवार रात आठ बजे लुहारी खादर गांव के रास्ते पर भट्ठे के पास कोशिंदर का शव पड़ा मिला था। परिजनों ने गांव के ही लोगों को रुपये के लेनदेन की रंजिश में पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया था। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पिटाई करने के बाद गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी। वहीं, कोशिंदर के पिता की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही दो नामजद सहित 14 लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।
उधर, घटना के खुलासे के लिए हसनपुर पुलिस के अलावा एसओजी, सर्विलेंस समेत चार टीमें में लगाई गईं थी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की। इसके अलावा सर्विलांस की मदद से मृतक कोशिंदर की कॉल डिटेल भी निकलवाई गई। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बुधवार को हसनपुर क्षेत्र के घंसूरपुर गांव निवासी वीरपाल, उसकी पत्नी जमुना देवी उर्फ ज्योति व आदमपुर क्षेत्र के गारापुर निवासी ज्योति के भाई राजीव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की बात कबूली। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कोशिंदर के पैरों को बांधने का दुपट्टा भी बरामद किया है।
एसपी ने बताया कि कोशिंदर और जमुना देवी के बीच प्रेम संबंध थे। इसकी जानकारी महिला के पति वीरपाल को हो गई थी। जिसके बाद जमुना देवी ने क्लीनिक संचालक से मिलने से मना कर दिया था। इसके बावजूद कोशिंदर लगातार महिला पर मिलने के लिए दबाव बना रहा था, जबकि जमुना उससे मिलना नहीं चाहती थी। इस पर जमुना और उसके पति वीरपाल ने कोशिंदर की हत्या करने की योजना बनाई।
दुपट्टे से चारपाई से बांध दिए थे दोनों पैर
30 मार्च की दोपहर जमुना ने कोशिंदर को रहरा अड्डे के पास अपने घर पर मिलने के लिए बुलाया था। इसके बाद वीरपाल व जमुना ने कोशिंदर के दोनों पैरों को दुपट्टे से चारपाई से बांध दिया। जमुना ने कोशिंदर के दोनों हाथ पकड़े और वीरपाल ने गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात से पहले क्लीनिक संचालक की पिटाई भी की गई थी। दोनों ने चार घंटे तक शव को घर में छिपा कर रखा था। अंधेरा होने पर जमुना ने फोन कर अपने भाई राजीव को बुला लिया। इसके बाद तीनों ने कोशिंदर की बाइक पर ही शव को रखकर लुहारी खादर के रास्ते पर भट्ठे के पास फेंक दिया। बाइक पर शव लेकर जाते आरोपी सीसीटीवी कमरे में कैद हो गए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों ने शराब की पार्टी भी की थी। पुलिस ने वीरपाल की निशानदेही पर क्लीनिक संचालक की बाइक भी बरामद की है। एसपी ने बताया की तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
परिजनों ने लेनदेन की रंजिश बताकर दर्ज कराया था केस, कहानी निकली उल्टी
क्लीनिक संचालक कोशिंदर की हत्या के मामले में परिजनों ने पैसों के लेनदेन रंजिश को आधार मानकर पड़ोसी गांव निवासी भीमा ठीकरी निवासी चंद्रपाल और भगतजी को नामजद करते हुए 12 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था। लेकिन, जब पुलिस ने क्लीनिक संचालक के मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर जांच शुरू की तो कहानी कुछ और ही निकली। पुलिस ने बहुत जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर दिया। घटना का खुलासा होने पर नामजद किए गए आरोपियों को इससे बड़ी राहत मिली है।
हत्यारोपी बोला- मैं नहीं मारता तो मुझे मार देता कोशिंदर, काटकर ड्रम में भरना चाहता था
खुलासे के दौरान हत्यारोपी वीरपाल ने पुलिस को बताया कि साहब अगर मैं नहीं मारता तो कोशिंदर मुझे मार देता और मेरे टुकड़े करके ड्रम में भरना चाहता था। मेरी पत्नी जमुना देवी को धमकी देता था कि मैं तेरे पति को मार दूंगा और तुझे अपने साथ ले जाऊंगा।
दो साल पहले क्लीनिक पर गई थी महिला
मृतक कोशिंदर आदमपुर क्षेत्र के गांव साथलपुर की मढैया में क्लीनिक चलाता था। वहीं, जमुना देवी का मायका आदमपुर क्षेत्र के गारापुर में है। जो साथलपुर से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर ही है। करीब दो साल पहले जमुना देवी कोशिंदर के क्लीनिक पर दवाई लेने गई थी। कुछ ही दिनों पर दोनों में बातचीत शुरू हो गई और दोनों में संबंध बन गए।