कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी में पतित पावनी गंगा किनारे लग रहे गंगा मेला का पूजन सोमवार को देवोत्थान एकादशी पर किया जाएगा। सदियों से लगता आ रहा मेला आस्था, श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। इसलिए दूरदराज के श्रद्धालु पतित पावनी में सूर्य की किरण निकलने से पहले ही स्नान कर पुण्य कमाने के लिए गंगा तट पर डेरा डाल देते हैं। इस समय चीनी मिल शुरू हो गए हैं। गेहूं की बुवाई के लिए गन्ने की फसल काट खेत खाली करने हैं, लेकिन तिगरी मेले के उल्लास में डूबे श्रद्धालुओं ने घर और खेतीबाड़ी की चिंता त्याग दी है। कार्तिक पूर्णिमा पास आते ही तिगरी गंगा मेले का रुख कर दिया है। मन में एक ही लालसा है कि प्रतिदिन गंगा मैया में स्नान कर पुण्य कमाएंगे। इसी लालसा को लेकर शनिवार सुबह से ही श्रद्धालुओं के हजारों ट्रैक्टर-ट्राॅली तिगरी गंगा मेले के लिए कूच कर गए। हाईवे, धनौरा, खाद गुर्जर आदि मार्गों से श्रद्धालुओं का समुद्र तिगरी की तरफ उमड़ रहा है। पूरे दिन श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही।