कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच तिगरी मेला सकुशल संपन्न होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है। इक्का-दुक्का घटना को छोड़कर कोई बड़ी घटना मेले में नहीं हुई। सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन कैमरे से इस बार मेले की निगरानी की। इससे पुलिस को दुर्घटनाएं रोकने में मदद मिली। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने सात दिन लगातार 24 घंटे मुस्तैदी से ड्यूटी देकर अपने कर्तव्यों को अंजाम दिया।
लाखों की संख्या में तिगरी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच मेले को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना पुलिस के लिए आसान नहीं था। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने स्वयं मेले की कमान संभाली। मेले में मेला कोतवाली का संचालन शुरू कराते हुए गंगा घाटों के साथ मेले में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछवाया और हर पल मेला स्थल के चप्पे-चप्पे की निगरानी की। मेले में कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए कंट्रोल रूम में फुल साइज एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की गई। जिस पर मेले की पल-पल की अपडेट मिलती रही। घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। एनडीआरएफ की टीम के साथ नावों पर पुलिसकर्मियों की डयूटी लगाई। घाटों पर सुरक्षा उपकरणों के साथ रेस्क्यू टीमों को भी 24 घंटे एक्टिव मोड पर रखा गया। यही वजह रही कि लाखों श्रद्धालुओं से जुड़े मेले में इस बार किसी के डूबने की कोई घटना सामने नहीं आई।
पुलिस ने मेले में 115 बिछड़ों को मिलाया
पुलिस ने ऑपरेशन स्माइल के तहत मेले में गुम हुए करीब 90 बच्चों, 15 महिलाओं और 10 बुजुर्गों को तलाशकर उनके परिजनों से मिलवाया। वहीं, जाम की समस्या से निपटने के लिए मेले में पार्किंग की भी व्यवस्था की गई। मेले में यातायात पुलिसकर्मियों ने अपनी डयूटी को बखूबी अंजाम दिया। यातायात कर्मियों को साठ आयरन बैरियर, पचास फ्लैशर, चालीस बैटन टार्च, दो सौ पचास रिफ्लेक्टिव जैकेट, तीन ट्रैफिक आईलैंड से लैस किया। पुलिस ने जहां एक सौ दस बाइक को सीज किया तो वहीं मॉडिफाइड साइलेंसर लगी 35 बाइक का चालान करते हुए 130 प्रेशर हार्न कब्जे में लिए।