अमरोहा। कार्तिक पूर्णिमा पर लगे तिगरी धाम मेले में अव्यवस्था हावी रही। स्नान घाट लोगों के लिए खतरनाक साबित हुए। स्नान करने के लिए चार से पांच फिट ऊंची ढांग परेशानी का सबब बनी। श्रद्धालुओं को चढ़ने उतरने के लिए एक-दूसरे का सहारा लेने पड़ा। कई महिला श्रद्धालु फिसलकर गिर पड़ीं। गनीमत रही कि चोट नहीं लगी। जानलेवा घाटों को देखकर हर कोई जिम्मेदारों की व्यवस्था को कोसता नजर आया।
हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी धाम में पश्चिमी प्रदेश का ऐतिहासिक मेला लगता है। मेले की मान्यता और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए भाजपा सरकार ने तिगरी धाम और गढ़मुक्तेश्वर मेले को सरकारी घोषित कर दिया था लेकिन इस बार मेले में अव्यवस्था हावी रही। सड़कों पर धूल उड़ती रही। धूल से मेले में श्रद्धालुओं का दम घुटता रहा जबकि श्रद्धालुओं के लिए तैयार किए गए घाट नंबर 10 और 11 सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण थे। बावजूद इसके जिम्मेदारों ने घाटों को समतल करने की जरूरत नहीं समझी गई। यहीं वजह रही कि श्रद्धालुओं को चार से पांच फिट ऊंची ढांग पर चढ़ना-उतरना पड़ा। चढ़ने उतरने के लिए श्रद्धालुओं को एक-दूसरे की मदद लेनी पड़ी। ढांगनुमा ऊंचे घाट पर कई महिला और पुरूष श्रद्धालु फिसलकर गिर पड़े। गनीमत ेरही कि किसी को चोट नहीं आई।