अमरोहा। श्री गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर मंगलवार को सबद कीर्तन हुई। इसके चलते सैकड़ों लोगों की संगत निहाल हो गई। खुशी में लोगों ने 550 गुब्बारों को हवा में छोड़ा। इसके अलावा लंगर वितरित किया गया। साथ ही दीवान सजाया गया। रागी जत्था ने कीर्तन किया। आसमान में आतिशबाजी की गई। अब 13 नवंबर को शहर में नगर कीर्तन होगा और जुुलूस निकाला जाएगा।
शहर के वासुदेव स्थित श्री गुरु नानक दरबार में दिन 10 बजे से तैयारी शुरू हो गई। प्रकाश पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए सभी लोग जुट गए। रागी जत्था ने सबद कीर्तन की तैयारी शुरू कर दी। धामपुर से आईं माता सुंदरी दल के रागी जत्था ने सबद कीर्तन किया। जिसमें सुनाया कि कर्म भूमि पर फल के लिए श्रम सबको करना पड़ता है, रब सिर्फ लकीरें खींच देते है। रंग हमको भरना पड़ता है। इसके बाद उन्होंने प्रिउ प्रिउ करती सभु जगु फिरी मेरी पिआस न जाइ सुनाई। श्री गुरु नानक जी के योगदान की सराहना की गई। इस दौरान सरदार इंद्रजीत सिंह, प्रीतम सिंह, जगवीर सिंह, धीरज खुराना, मनप्रीत सिंह छाबड़ा, सतनाम सिंह, सुरजीत सिंह, चरनजीत सिंह, बलविंदर सिंह, कुलदीप कौर, पूजा कौर आदि रहे। इसके अलावा रेलवे स्टेशन रोड स्थित श्री गुरु सिंह सभा में रात को दीवान सजा। यहां पर रागी जत्था ने कीर्तन किया। इसके अलावा आतिशबाजी भी की गई। लोगों के बीच गुरु का लंगर चला।
उत्साह और श्रद्धापूर्वक मना गुरु पर्व
जोया। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव पर मंगलवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गुरुद्वारा में उत्साह और श्रद्धापूर्वक गुरु पर्व मनाया गया। संगत में योगेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, गुरनाम सिंह, सरदार इंद्र सिंह, हरदेव सिंह, नरेंद्र पाल सिंह, कपिल कुमार, रणजीत कौर, परमजीत कौर, शीश कौर आदि रहीं।