यह घटना नौगांवा सादात क्षेत्र के गांव बांसखेड़ी में हुई थी। गांव निवासी किसान फहमीद पृथीपुर गांव निवासी होरी सिंह के ट्यूबवेल से फसल की सिंचाई करते थे। 18 फरवरी 2018 को फहमीद फसल में खाद बिखेरकर सिंचाई करने के लिए बिजली का इंतजार करने लगे। रात में करीब साढ़े आठ बजे बिजली आने पर फहमीद ट्यूबवेल चलाकर घर लौटने रहे थे। वह नलकूप से करीब 40 मीटर दूर ही पहुंचे थे।
इसी बीच पहले से मौजूद हमलावरों ने गर्दन, हाथ, पेट और सिर में चाकू से वार कर उनकी हत्या कर दी थी। वारदात का अंजाम देकर हमलावर भाग गए थे। मृतक फहमीद के भाई मोहम्मद हनीफ ने गांव के ही नसरुद्दीन, उसके भाई शबाब व सलीम सलीमुद्दीन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल, तीनों दोषी जमानत पर थे। मुकदमे की सुनवाई जिला जज जफीर अहमद की अदालत में चल रही थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह पैरवी कर रहे थे। बृहस्पतिवार को कोर्ट ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्य व सबूतों के आधार पर नसरुद्दीन, शबाब और सलीम उर्फ सलीमुद्दीन को दोषी करार दिया। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
बच्चों के विवाद में पिता को थप्पड़ मारने की रंजिश में की हत्या
जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह ने बताया कि घटना के चार महीने पहले फहमीद और दोषी नसरुद्दीन व शबाब के बच्चों के बीच खेलते समय झगड़ा हो गया था। इस दौरान मृतक फहमीद ने दोषी नसरुद्दीन व शबाब के पिता जलालुद्दीन को थप्पड़ मार दिया था। बस इसी बात को लेकर नसरुद्दीन और शबाब रंजिश रखने लगे। दोनों भाइयों ने गांव के ही रहने वाले सलीम उर्फ सलीमुद्दीन के साथ मिलकर योजना बनाई और 18 फरवरी 2018 की रात हत्या कर दी थी।