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Amroha News: अपहरण कर किसान की हत्या में मेरठ के सिपाही समेत तीन को उम्रकैद

Sat, 09 Aug 2025 01:58 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। छह साल पहले अवैध संबंधों में बाधा बन रहे किसान नरेंद्र सिंह की अपहरण के बाद हत्या करने में कोर्ट ने दोषी मेरठ के सिपाही योगेश समेत तीन लोगों को उम्रकैद और शव छिपाने में एक दोषी को पांच साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चारों पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फिलहाल सभी दोषी जमानत पर थे। कोर्ट का फैसला आने के बाद उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
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हत्या की यह घटना रजबपुर थानाक्षेत्र में हुई थी। शकरपुर समसपुर गांव में किसान नरेंद्र का परिवार रहता है। 27 सितंबर 2019 को नरेंद्र सिंह घर से बाइक लेकर अमरोहा गए थे लेकिन शाम को नहीं लौटे थे। नरेंद्र की पत्नी बालेश देवी ने 28 सितंबर को उनके मोबाइल पर कॉल की तो नंबर बंद आया। लापता नरेंद्र सिंह के पिता समरपाल सिंह ने रजबपुर थाने में गुमशुदगी की दर्ज कराई थी। नरेंद्र सिंह की पत्नी बालेश देवी ने मुरादाबाद के मझौला थानाक्षेत्र की काशीराम कॉलोनी गली नंबर-8 निवासी रूबी अग्रवाल पर साथियों के साथ मिलकर अपहरण के बाद हत्या कर शव को छिपाने का शक जताया था।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में अपहरण के बाद हत्या शव को छिपने के मामले में मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी। साथ ही नरेंद्र सिंह और आरोपी रूबी अग्रवाल के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाई। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने रूबी अग्रवाल, मेरठ के जानी थानाक्षेत्र के नेक गांव निवासी और मुरादाबाद के बिलारी थाने में तैनात तत्कालीन कांस्टेबल योगेश, बिलारी के ही अमरपुर काशी निवासी वीरपाल व विशेष को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने नरेंद्र का शव विशेष के मकान के पीछे स्थित कुएं से बरामद किया।
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मृतक नरेंद्र सिंह अनुसूचित जाति से थे, इसलिए मामले में तत्कालीन को मोनिका यादव ने विवेचना की और चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल सभी जमानत पर जेल से बाहर थे। इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष एससी एसटी एक्ट की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक एससी एसटी एक्ट मनोज कुमार सक्सेना ने बताया कि मृतक नरेंद्र सिंह और रूबी अग्रवाल के बीच प्रेम प्रसंग था जबकि दोषी कांस्टेबल योगेश के भी रूबी से संबंध थे। नरेंद्र बार-बार दोनों के संबंधों के आड़े आ रहा था।
हत्या कर कुएं में फेंक दिया था शव
रूबी ने सिपाही योगेश और उसके साथी वीरपाल व विशेष के साथ मिलकर नरेंद्र की हत्या की साजिश रची थी। योजना के तहत नरेंद्र का अपहरण करने के बाद उनकी हत्या कर दी और शव को कुएं में फेंक दिया था। मामले में कोर्ट ने शुक्रवार को आखिरी सुनवाई की। साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर दोषी कांस्टेबल योगेश, उसके दोस्त विशेष और रूबी अग्रवाल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं शव को छिपाने मामले में दोषी पाए गए वीरपाल को पांच साल की सजा व पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
नौकरी से बर्खास्त हो चुका है योगेश
विशेष लोक अभियोजक एससी एसटी एक्ट मनोज कुमार सक्सेना ने बताया कि दोषी कांस्टेबल योगेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। बाद में उसे बर्खास्त कर दिया गया था।
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