अमरोहा। करीब 13 साल पुराने अवैध शराब बनाने और बेचने के मामले में न्यायालय ने तीन दोषियों को तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने तीनों पर 4500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले की सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी, जबकि अन्य तीन आरोपी जमानत पर बाहर थे।
मामला हसनपुर कोतवाली क्षेत्र का है। वर्ष 2013 में तत्कालीन दरोगा बृजलाल भार्गव और कांस्टेबल रियाजुद्दीन ने श्यामपुरी गांव निवासी परम सिंह, हरि सिंह, करन सिंह और रूम सिंह को गंगा नदी के पास अवैध शराब की भट्ठी चलाते हुए पकड़ा था। पुलिस ने मौके से प्लास्टिक के नीले रंग के दो ड्रमों में करीब 150 लीटर कच्ची शराब बरामद की थी। पुलिस ने भट्ठी बुझाकर लहन को नष्ट कर दिया था। मौके से गुड़ का घोल और करीब चार किलो यूरिया भी बरामद हुआ था। अभियोन पक्ष के अनुसार, यूरिया का इस्तेमाल शराब की तीव्रता बढ़ाने के लिए किया जाता था। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित प्रथम की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेश नागर ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान आरोपी रूम सिंह की मौत हो गई।
शुक्रवार को न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर परम सिंह, हरि सिंह और करन सिंह को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 1500-1500 रुपये का जुर्माना लगाया है। संवाद