अमरोहा। हत्या के मुकदमे की रंजिश में पीड़ित परिवार पर जानलेवा हमला करने के मामले में उम्रकैद सजायाफ्ता दो सगे भाई समेत तीन दोषियों को न्यायालय ने दस-दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। तीनों दोषी जेल में बंद हैं।
जबकि इस घटना में शामिल चार अन्य आरोपियों की पत्रावली पर सुनवाई जिला जज की अदालत में चल रही है। यह घटना नौगांवा सादात क्षेत्र के गांव बांसखेड़ी में हुई थी। गांव निवासी किसान फहमीद पृथीपुर गांव निवासी होरी सिंह के ट्यूबवेल से फसल की सिंचाई करते थे। 18 फरवरी 2018 को फहमीद फसल में खाद बिखेरकर सिंचाई करने के लिए बिजली का इंतजार करने लगे।
रात में करीब साढ़े आठ बजे बिजली आने पर फहमीद ट्यूबवेल चलाकर घर लौटने रहे थे। वह नलकूप से करीब 40 मीटर दूर ही पहुंचे थे। इसी बीच पहले से मौजूद हमलावरों ने गर्दन, हाथ, पेट और सिर में चाकू से वार कर उनकी हत्या कर दी थी।
वारदात का अंजाम देकर हमलावर भाग गए थे। फहमीद के भाई मोहम्मद हनीफ ने गांव के ही नूरुद्दीन, उसके भाई शबाब और सलीम उर्फ सलीमुद्दीन के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। इसे बाद तीनों दोषी जमानत पर थे। 23 फरवरी 2020 को नूरुद्दीन, उसके भाई शबाब और सलीम उर्फ सलीमुद्दीन ने अपने परिवार के शादाब, फुरकान, नाजिया और शोयबा के साथ मिलकर मुकदमे की रंजिश में प्राथमिकी के वादी हनीफ अहमद पर जान से मारने की नियत से सिर पर फाबड़े से हमला कर दिया था। जबकि बचाव में आई उनकी बेटी गुलिस्ता और बेटे मोहम्मद हसन को भी घायल कर दिया था।
इस मामले में हनीफ अहमद के बेटे जमशेद की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस बीच 20 फरवरी 2025 को जिला जज की अदालत में फहमीद हत्याकांड में नूरुद्दीन, उसके भाई सबाब और सलीम उर्फ सलीमुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुना दी थी। इसके बाद से तीनों जेल में सजा काट रहे हैं। हत्या की कोशिश का मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट तृतीय की अदालत में चल रहा था।
शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई करते हुए पहले से उम्रकैद की सजा काट रहे नूरुद्दीन, सबाब आलम और सलीम उर्फ सलीमुद्दीन को दोषी करार दिया है। साथ ही तीनों को दस-दस साल की सजा सुनाई है और 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।