अमरोहा। गैंगस्टर एक्ट के 20 साल पुराने मामले में न्यायालय ने तीन दोषियों चार-चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 15 हजार का जुर्माना भी लगाया है। फैसला आने के समय तीनों आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे।
मामला हसनपुर कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन इंस्पेक्टर चंद्रपाल सिंह ने तीन सितंबर 2006 को हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव भैसरोली निवासी धर्मी उर्फ धर्मा और दीपचंद तथा आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव पथरा निवासी वीर सिंह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने बाद में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। बाद में आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल गई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य और सबूत जुटाकर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। लंबे समय तक मामले की सुनवाई अदालत में चलती रही। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपियों पर प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर कड़ी सजा दिए जाने की मांग की।
शनिवार को मामले में न्यायालय ने अंतिम सुनवाई पूरी करने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने प्रत्येक दोषी को चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। संवाद