अमरोहा। दो भाइयों ने एक किशोरी का अपहरण कर लिया। धर्म परिवर्तन कराकर उस पर निकाह करने का दबाव बनाया, उससे दुष्कर्म किया। इस मामले में न्यायालय ने दो सगे भाइयों और उनकी मौसी को सजा सुनाई है। दुष्कर्म के दोषी को बारह साल, दूसरे भाई और मौसी को भी सात-सात साल की सजा सुुुनाई है। साथ ही तीनों पर 72 हजार का जुर्माना लगाया गया है।
मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले का है। यहां मजदूर का परिवार रहता है। 18 मार्च 2018 को एक समुदाय के दो सगे भाइयों ने मजदूर की पंद्रह वर्षीय बेटी का अपहरण कर लिया। उसे संभल के मोहल्ला पंजू सराय में अपनी मौसी के घर पर रखा। इतना ही नहीं किशोरी के साथ धर्म परिवर्तन करने और निकाह करने के लिए दबाव बनाया गया। इस दौरान आरोपी अजीम ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। दूसरा भाई नदीम और मौसी फिरोजा इस षड्यंत्र में शामिल रहे। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर दोनों भाइयों और मौसी को जेल भेज दिया था। तभी से दोनों भाई जेल में बंद थे। मौसी जमानत पर जेल से बाहर थीं। मुकदमा विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राकेश कुमार चतुर्थ की अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को मामले में फैसला सुनाया गया। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता बसंत सिंह सैनी ने पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। इसमें दुष्कर्म के आरोपी अजीम को 12 साल की सजा और 52 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। नदीम को सात साल की सजा और 12 हजार रुपये जुर्माना और मौसी फिरोजा को भी सात साल की सजा और सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी आरोपियों को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।