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Amroha News: मासूम पर कुत्तों के हमले के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार

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अमरोहा। पतेई खालसा गांव में दो वर्षीय मासूम पर कुत्तों के झुंड के जानलेवा हमले के दूसरे दिन भी प्रशासन की उदासीनता सामने आई। कोई जिम्मेदार अधिकारी गांव नहीं पहुंचा और आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान भी शुरू नहीं हुआ। इससे ग्रामीणों में रोष और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
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सोमवार को ग्रामीण चौक-चौराहों पर घटना को लेकर चर्चा करते रहे। दिनभर कुत्तों के झुंड गलियों और आबादी के आसपास घूमते रहे। इससे अभिभावक बच्चों को बाहर भेजने से डरते रहे। ग्रामीण मदन वर्मा ने कहा कि घटना के बाद तत्काल कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलना चाहिए था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मासूम गवनीश की हालत में सुधार
डिडौली। कुत्तों के हमले में घायल दो वर्षीय गवनीश की हालत बेहतर है। उपचार के बाद मेरठ के चिकित्सकों ने उसे छुट्टी दे दी, जिसके बाद परिजन उसे घर ले आए। बच्चे के चेहरे, सिर और शरीर पर 50 से अधिक घाव हुए थे। कल्याणपुर निवासी मनोज की पत्नी कुसुम सैनी शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे तीज के लिए मायके पतेई खालसा आई थीं। उन्होंने बेटे गवनीश को बरामदे में सुलाया था। करीब दस मिनट बाद लौटने पर बच्चा गायब मिला। तलाश के दौरान पता चला कि लावारिस कुत्ते उसे खींचकर ले जा रहे हैं। परिजन और ग्रामीणों ने कुत्तों को भगाकर बच्चे को बचाया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल से टीएमयू और फिर मेरठ रेफर किया गया। पतेई खालसा निवासी मदन वर्मा और जावेद ने बताया कि उपचार के बाद हालत सुधरने पर चिकित्सकों ने छुट्टी दे दी। बच्चे के घर लौटने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। संवाद
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उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाते हुए जो शासन से निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। एनजीओ के माध्यम से कुत्तों को पकड़वाने की व्यवस्था कराई जाएगी। -नीरज कुमार, बीडीओ जोया
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