नौगावां सादात(अमरोहा) में बेटी की शादी के लिए मजदूर रुपये का इंतजाम कर रहा था। 500 के नोट जमा करने के लिए जब वह बैंक में दाखिल हुआ तो जेब से नगदी गायब थी। बेटी की शादी के सपने एक झटके में हवा हो गए। पता तब चला जब वह फार्म भरकर काउंटर पर पहुंचा। जेब में नगदी नहीं होने से उसके होश फाख्ता हो गए। उसने पीछे खड़े युवक को तलाशने की कोशिश की। पुलिस को भी घटना से अवगत कराया, मगर कोई फायदा नहीं हुआ। पुलिस ने किसी की तलाशी लेना मुनासिब नहीं समझा।
कस्बे के मोहल्ला नई बस्ती मोती मस्जिद वाली गली के रहने वाले महबूब पुत्र सद्दीक अंसारी मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। मार्च माह में उनकी बेटी की शादी है, जिसके लिए वह एक-एक रुपया जमा कर रहे थे। गुरुवार वह प्रथमा बैंक की शाखा में 45 हजार रुपये की नगदी जमा करने के लिए पहुंचे। नगदी में 500-500 के नोट थे। काफी देर तक लाइन में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार किया। नंबर आने पर अंदर गए।
फार्म भरकर जब वह कैश काउंटर पर पहुंचे तो जेब में हाथ डालते ही चेहरे की रंगत उड़ गई। जेब से नगदी गायब थी। इसके बाद वह बाहर आए और पीछे लगे युवक को खोजने की कोशिश की। वहां पर मौजूद पुलिस कर्मियों को भी सूचना दी, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ। पता चलते ही परिवार के लोग भी आ गए। इधर उधर घूमे, किंतु सफलता नहीं मिली। इसके बाद मजदूर माथे पर हाथ रखकर बैठ गया। थाना पुलिस ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।