अमरोहा में रविवार को पीट-पीटकर मारे गए राशिद हुसैन का फाइल फोटो
अमरोहा। न्यायिक कर्मचारी राशिद हुसैन की मौत सीने पर बेरहमी से लात-घूंसे बरसाने पर दिल बैठ जाने से हुई थी। पोस्टमार्टम में सीने पर मिले निशान और अंदरूनी चोटों से हमलावरों के वहशीपन का खुलासा हुआ है। हार्ट अटैक को सांसें थमने का कारण बताया गया है। उधर पुलिस सात में से एक आरोपी को गिरफ्तार कर सकी है, जिसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
रविवार दोपहर बंबूगढ़-जोया बाईपास पर कार के बाइक से टच हो जाने पर आपा खोए युवकों ने राशिद हुसैन को पीट-पीटकर मार दिया था। राशिद अमरोहा में सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में लिपिक थे और मोहल्ला नल के रहने वाले थे। वारदात के समय कार में उनकी पत्नी, तीन मासूम बच्चे और 22 वर्षीय भतीजा सलमान भी मौजूद थे। बाइक सवारों ने फोन कर गांव से बुलाए लोगों के साथ मिलकर राशिद को कार से खींचकर हमला किया था।
इस संगीन वारदात से हड़कंप मचने पर अफसरों ने प्रशासनिक अनुमति लेकर देर रात ही राशिद के शव का पोस्टमार्टम कराया। तीन चिकित्सकों के पैनल की देखरेख में हुए पोस्टमार्टम में हमलावरों की बेरहमी सामने आई। सीने पर लात-घूंसों के कई निशान मिले हैं। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। डॉक्टरों ने माना है कि इस तरह के हमले हार्ट अटैक का कारण बन जाते हैं। पोस्टमार्टम के पैनल में डॉ. अजीत सिंह, डॉ. गौरव चहल, डॉ. आरिफ शमी शामिल रहे। पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
सीओ अभिषेक यादव ने बताया कि इस मामले में एक आरोपी शान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें दबिश दे रही हैं। इस मामले में दो संदिग्ध भी हिरासत में लिए हैं। मृतक के परिजनों ने कुछ अज्ञात समेत सात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीओ के मुताबिक अभी तक की जांच में कलीम को मुख्य आरोपी माना गया है, हमले के दौरान उसने ही फोन करके भीड़ जुटाई थी।