अमरोहा विधानसभा सीट पर अब सोलह प्रत्याशी रह गए हैं। यदि एक प्रत्याशी ने नाम वापस नहीं लिया तो मतदान के लिए डबल ईवीएम लगानी पड़ सकती हैं। क्योंकि एक ईवीएम में नोटा समेत 16 प्रत्याशियों के बटन ही शामिल हो सकते हैं। की इससे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसके लिए अलग से ईवीएम की व्यवस्था करनी पड़ेगी। फिलहाल नाम वापसी पर निगाह टीकी हैं।
सबसे अधिक नौगावां सादात विधानसभा सीट पर 18 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। यहां से तीन पर्चे खारिज हो गए हैं। अब पंद्रह प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं। दूसरी ईवीएम नहीं लगानी पड़ेगी। क्योंकि एक ईवीएम में नोटा समेत पंद्रह प्रत्याशियों को स्थान मिलता है। हसनपुर विधानसभा में अभी तक बारह प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं धनौरा विधानसभा सीट पर पांच प्रत्याशी हैं। अब सबसे अधिक प्रत्याशी अमरोहा विधानसभा सीट पर हैं। यहां सोलह प्रत्याशी मैदान में हैं।
यदि एक प्रत्याशी ने नाम वापस नहीं लिया तो यहां पर मतदान के लिए प्रत्येक बूथ पर डबल ईवीएम लगानी पड़ सकती है। इससे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्योंकि ईवीएम में सोलह बटन होते हैं, इसमें पंद्रह प्रत्याशी के चिंहनों के लिए बटन और एक नोटा का बटन होता है। ऐसे में सोलहवें प्रत्याशी के लिए बूथों पर अलग से ईवीएम की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। फिलहाल मंगलवार को नाम वापसी के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।