नगर में जीएसटी अफसरों और व्यापारियों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। हंगामा होने पर बिना कार्रवाई की ही टीम लौट गई। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। व्यापारियों ने जीएसटी अफसरों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। साथ ही थाने पहुंचकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा विधायक से भी शिकायत की है। व्यापारियों के मुताबिक कार पर भारत सरकार लिखा था।
हसनपुर निवासी सुरेश सैनी मेंथा आयल खरीदने का काम करते हैं। उनकी दुकान रहरा अड्डे पर है। सोमवार शाम को उनकी दुकान के पास एक कार आकर रुकी जिसमें सवार छह लोग दुकान पर पहुंचे और खुद को जीएसटी से अधिकारी बताया। उन्होंने कागज चेक करने के लिए कहा। दुकान मालिक ने आई कार्ड दिखाने के लिए कहा तो टीम के लोग आग बबूला हो गए।
इस दौरान नोकझोंक भी हुई। व्यापारियों और कथित टीम में शामिल लोग में धक्का-मुक्की भी हुई। व्यापारियों ने टीम की गाड़ी को घेर लिया। हंगामा होने की सूचना पर पुलिस भी पहुंची। इसके बाद जीएसटी टीम के लोग लौट गए। मामले को लेकर व्यापारी इकट्ठा होकर विधायक महेंद्र खड़गवंशी के आवास पर पहुंचे। साथ ही कोतवाली में पहुंचकर मामले की शिकायत की।
व्यापारी सुरक्षा फोरम के प्रदेश महामंत्री मुकेश गुप्ता ने बताया कि जीएसटी अफसरों ने दुकानदारों द्वारा आईडी कार्ड मांगे जाने पर उन्हें दिखाने से इन्कार कर दिया। आरोप है कि अफसरों ने व्यापारियों से 10 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर उन्हें एनएसए के तहत फंसाने की धमकी भी दी। सीओ दीप कुमार पंत का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। तहरीर मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।