गंगेश्वरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत दौलतपुर कला में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। एक ग्रामीण ने ग्राम सचिवालय की जमीन को अपनी बताते हुए उस पर काले रंग की पुताई कर दी है।
ग्रामीण का कहना है कि चार साल पहले ग्राम सचिवालय, प्रधान और सचिव के द्वारा बनवाया गया था। तब निजी भूमि को लेते समय इसके बदले में दोगुनी भूमि देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी भूमि नहीं दी गई। शिकायत के बावजूद भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसलिए ग्राम सचिवालय पर काले रंग से पुताई कर दी है। विभागीय अधिकारी मामले की जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की बात कर रहे हैं।
गंगेश्वरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत दौलतपुर कला में 2022 में करीब 14 लाख की लागत से ग्राम सचिवालय बनाया गया था। ग्राम प्रधान बाला सैनी का कहना है कि ग्राम सचिवालय बनाने के लिए ग्राम समाज की भूमि कम पड़ रही थी। अफसरों का ग्राम सचिवालय जल्द तैयार कराने का ज्यादा दबाव था। इसलिए ग्राम समाज की भूमि के बराबर में स्थित ग्राम निवासी शफीक की निजी भूमि को लेने के लिए शफीक से बात की थी।
ग्राम प्रधान का कहना है कि शफीक से दस विषय भूमि ग्राम पंचायत को देने के लिए अपना सहमति पत्र दे दिया था। लेकिन इसके बदले ग्राम प्रधान के द्वारा शफीक को दोगुनी भूमि देने की भी बात की गई थी, शफीक का कहना है कि चार साल बीत जाने के बाद बदले की भी भूमि नहीं मिली। इससे खफा होकर उसने रविवार को ग्राम सचिवालय पर काले रंग से पुताई कर दी। शफीक का कहना है कि यदि बदले की जमीन नहीं दी गई तो ग्राम सचिवालय नहीं चलने दिया जाएगा। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
- गांव निवासी शफीक की करीब दस विषय भूमि ग्राम सचिवालय बनाने के लिए प्रयोग में लाई गई थी, इसके लिए शफीक का सहमति पत्र भी लिया था, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होने की वजह से बदले की जमीन शफीक को नहीं जा सकी है। इसलिए शफीक ने ग्राम सचिवालय पर काले रंग की पुताई कर दी है। इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी गई है। बाला देवी, ग्राम प्रधान दौलतपुर सैनी।
-चार साल पहले ग्राम सचिवालय बनाने के लिए निजी भूमि को लिया गया था, बदले में दोगुनी भूमि देने का आश्वासन दिया था, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी बदले की भूमि नहीं मिली। इसलिए ग्राम सचिवालय पर काले रंग से पुताई कर दी है। - शफीक
बयान: एसडीएम
-यह प्रकरण मेरे से पहले का है। उससे संबंधित एक फाइल एसडीएम कोर्ट में किसी वजह से पहले ही निरस्त हो गई थी। ग्रामीण की कुछ जमीन है, जिसे सहमति से लिया गया था, लेकिन ग्रामीण को कानून अपने हाथ में लेकर ग्राम सचिवालय पर काले रंग से पुताई नहीं करनी चाहिए थी। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। विभा श्रीवास्तव, एसडीएम हसनपुर।