मंडी धनौरा(अमरोहा)। पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश की वजह खादर क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी की वजह से खादर क्षेत्र के गांवों से सट कर बह रही गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। गांव मुकारमपुर में बाहे नदी के पानी के कटान की वजह से गांव में मकानों में दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों को अपने आशियानों के ढहने का खतरा सताने लगा है।
गंगा का पानी पपसरी खादर, देवीपुरा, मुकारमपुर, इब्राहीमपुर, झुंडपुरा, रमपुरा खादर, पहाड़पुर, पट्टी खादर, सीपिया फॉर्म आदि के चारों ओर भरा हुआ है। रविवार की रात बिजनौर बैराज से पास किए गए पानी की वजह से झुंडपुरा गांव के बाहर पानी पहुंच गया। गांव मुकारमपुर में बाहे नदी के पानी के कटान की वजह से गांव में मकानों में दरार पड़नी शुरू हो गई हैं। हालांकि दो दिन से मुकारमपुर गांव में पानी कटान नहीं कर रहा है। तटबंध के दूसरी ओर बसे मुकारमपुर गांव में हर साल बरसात के मौसम में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। गांव के दो ओर से गुजर रही बाहे नदी के पानी ने इस साल गांव में काफी कटान किया।
बाहे नदी का पानी आबादी तक पहुंच गया था। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गांव में बल्ली लगाकर कटान रोकने का प्रयास किया। गांव निवासी चंद्रवती ने बताया कि उसके मकान में पानी की वजह से दरार पड़ गई है। उसे अपने मकान के ढहने का खतरा सताने लगा है। गांव निवासी राजवीर सिंह ने भी अपने मकान में दरार आने की शिकायत की है।
स्कूल में भरा पानी, नहीं पहुंचे बच्चे
देवीपुरा से पपसरी खादर को जाने वाले मार्ग पर भी पानी भरा हुआ था। स्कूली बच्चों को गंगा के पानी से होकर स्कूल जाना पड़ा। लोगों को अपनी जान जोखिम में डाल कर पशुओं के लिए चारा लाना पड़ रहा है। मंगलवार को शेरपुर से विशावली को जाने वाले मार्ग पर भी पानी भरा रहा। पहाड़पुर के सरकारी स्कूल में पानी भर जाने से मंगलवार को बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे। एक शिक्षक ने बताया कि पूरे स्कूल परिसर में पानी भरा हुआ है।
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गंगा के पानी की वजह से मकानों में दरार आने का मामला संज्ञान में नहीं है। राजस्व टीम को गांव भेजकर जांच कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर पीड़ित परिवार को सुरक्षित स्थान पर भेजा जाएगा। बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों की सुविधा के लिए नाव पहले ही भेजी जा चुकी हैं।
-मूसाराम थारू, तहसीलदार