हसनपुर (अमरोहा)। गांव लठीरा निवासी मनीराम के 11 साल के बेटे बालकर की मौत एंटी रैबीज की पूरी डोज न लगने की वजह से हुई थी। सीएचसी प्रभारी डॉ. धुर्वेंद्र सिंह ने कहा कि परिजनों ने बच्चे को सिर्फ एक डोज लगवाई थी, जबकि पांच डोज लगना जरूरी हैं।
मनीराम के बेटे बालकर को करीब दो माह पहले कुत्ते ने काटा था, परिजन अगले दिन उसे सीएचसी लेकर पहुंचे थे, जहां उसे एंटी रैबीज की डोज दी गई थी। बताते हैं कि इसके बाद परिजन डोज लगवाने के लिए सीएचसी नहीं पहुंचे। परिजनों की लापरवाही बालक की जान की दुश्मन बन गई और उसकी हालत खराब हो गई। सात दिन पहले परिजन बालक को लेकर फिर सीएचसी पहुंचे, जहां से उसे रेफर कर दिया। ज्यादा हालत बिगड़ने पर परिजन उसे मेरठ ले गए, जहां पर शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। सीएचसी के प्रभारी डाॅ. धुर्वेंद्र सिंह का कहना है कि परिजनों ने केवल एक ही डोज लगवाई थी, जबकि पांच डोज लगनी जरूरी थीं।