अटेवा के राष्ट्रीय आह्वान पर यूपीएस के खिलाफ प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया गया। जिले के समस्त विभागों, कार्यालय, विद्यालय आदि में यूपीएस एनपीएस को लिखकर जलाया गया। उनकी मांग है कि उनको पुरानी व्यवस्था से जोड़ा जाए। उनके बुढ़ापे की लाठी पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए।
मंगलवार को धरने के दौरान मांडलिक मंत्री डॉ. शिव शंकर यादव ने बताया कि अटेवा के बैनर तले पिछले कई वर्षों से लगातार पुरानी पेंशन बहाली एवं निजीकरण के विरोध में संघर्ष जारी है। जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं हो जाती तब तक संघर्ष जारी रहेगा। पूरे देश का शिक्षक कर्मचारी एनपीएस यूपीएस व्यवस्था के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन सरकार जबरन शिक्षा कर्मचारियों पर यूपीएस जैसी खोखली योजना व्यवस्था थोपना चाहती है। जो सरासर कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
जिलाध्यक्ष एस. आकिल रजा ने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षक कर्मचारियों के बुढ़ापे का एकमात्र सहारा है। सरकार से अपील है कि जल्द से जल्द पूरे देश के शिक्षक कर्मचारियों की पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाए। जिला कोषाध्यक्ष राधेश्याम ने बताया कि अटेवा, एनएमओपीएस आने वाले समय में एनपीएस यूपीएस के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में है। यूपीएस के विरोध में गजट की सांकेतिक प्रतियों को जलाकर अपने-अपने कार्यालय स्थल विरोध दर्ज किया।