अमरोहा(सचिन त्यागी)। चढ़ते सूरज की तपिश और वोट करने के लिए मतदाताओं के बीच सुबह से ही कशमकश जारी थी। लेकिन गर्मी के पारे पर लोकतंत्र की जिम्मेदारियों का जज्बा भारी पड़ा। तपती धूप में मतदाता सुबह से कतार में लग वोट करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई बूथों पर सुबह से ही लंबी लाइनें लग गईं।
शुक्रवार को लोकतंत्र का सबसे बड़े उत्सव का दिन था। जिसके लिए प्रशासन भी पिछले एक माह से तैयारियों में जुटा हुआ था। स्वीप अभियान के तहत मतदान के लिए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा था। काफी हद तक प्रशासन प्रशासन की मुहिम रंग भी लाई। शुक्रवार को चुनाव की घड़ी आई तो मतदाताओं ने भी अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझा। सुबह के समय चढ़ते सूरज की तपिश के बीच गर्मी का पारा जैसे-जैसे बढ़ रहा था, वैसे-वैसे ही वोटरों का उत्साह भी अपने चरम पर पहुंच रहा था। ऐसा लग रहा था, जैसे सूरज की तपिश और वोटरों के उत्साह के बीच कशमकश चल रही हो। लेकिन लोकतंत्र में अपनी वोट की जिम्मेदारी निभाने के लिए वोटरों का उत्साह सूरज की तपिश पर भारी पड़ता दिखाई दिया। हालांकि दोपहर के समय कुछ समय के लिए बूथों पर भीड़ कुछ कम जरूर हुई। लेकिन शाम ढलने से पहले फिर सुबह सा आलम बूथों पर नजर आने लगा। लोग उत्साह के साथ अपने वोट का इस्तेमाल करने के लिए पहुंच रहे थे। युवा, महिला, बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं समेत सभी का वोट करने का उत्साह देखने लायक था।
मंडल में अब तक अव्वल अमरोहा के मतदाता
2019 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत 71.05 रहा था। जोकि, मंडल में ही नहीं प्रदेश में अव्वल रहा था। लेकिन 2024 के चुनाव में मतदान प्रतिशत उस स्तर तक नहीं पहुंच सका। हालांकि, इस बार चुनाव में जिले का मतदान प्रतिशत 64.54 प्रतिशत के साथ 6.51 प्रतिशत कम रहा है। लेकिन मंडल के दूसरे जिले और लोकसभाओं पर यहां के मतदाता अभी भारी पड़े हैं। जबकि, पहले चरण हुए मतदान में मुरादाबाद मंडल में नगीना के मतदाता 59.54 प्रतिशत सबसे आगे रहे थे। लेकिन दूसरा चरण आते-आते नगीना दूसरे स्थान पर पहुंच गया। हालांकि, अभी मंडल की संभल लोकसभा सीट पर तीसरे चरण में चुनाव होना है। जिसके बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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यह है मंडल में चुनाव प्रतिशत की स्थिति
अमरोहा - 64.54 प्रतिशत
नगीना - 59.54 प्रतिशत
मुरादाबाद - 59.32 प्रतिशत
बिजनौर - 58.21 प्रतिशत
रामपुर - 52.42 प्रतिशत