अमरोहा। नौ साल पहले जेठ से प्रेम संबंधों में बाधा बन रही जेठानी को शौचालय में बंद कर जलाने के बाद उसे जिंदा ही गन्ने के खेत में गड्ढे में दबा दिया था। इस सनसनीखेज वारदात को आज भी क्षेत्र के लोग भूल नहीं है। कई साल तक चली सुनवाई के बाद न्यायालय ने हत्यारी देवरानी, देवर, सास समेत चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
घटना 19 सितंबर 2016 की रात आदमपुर थाना क्षेत्र के ढबारसी गांव में हुई थी। यहां रहने वाले अरुण त्यागी ट्रक चालक है। उनकी शादी नहीं हुई थी। छोटे भाई नोनू की शादी होने के बाद उसकी पत्नी कुमकुम से संबंध हो गए थे। कुमकुम और अरुण त्यागी के संबंधों की चर्चा पूरे गांव में थी। घटना से चार माह पहले अरुण त्यागी असम से एक तलाकशुदा महिला बिजली उर्फ बबली को पत्नी बनाकर घर ले आए थे, जिससे बाद अरुण त्यागी के छोटे भाई की पत्नी कुमकुम नाराज रहने लगी थी।
अरुण त्यागी और कुमकुम के संबंधों के बीच बिजली उर्फ बबली बाधा बनी हुई थी। विरोध पर कुमकुम उसके साथ मारपीट करती थी। कुमकुम अपनी जेठानी बिजली उर्फ बबली को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान करने लगी। घटना वाली रात करीब 12:30 बजे बिजली उर्फ बबली घर में बने बाथरूम में टायलेट के लिए गई थी। तभी मौके का फायदा उठाकर कुमकुम ने बाथरूम के जंगले से उस पर मिट्टी का तेल डाल दिया और आग लगा दी थी। चिल्लाने की आवाज सुनकर अन्य परिजन व मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे और बाथरूम खोलकर बिजली उर्फ बबली को बाहर निकाला था। इस दौरान तक बिजली उर्फ बबली अस्सी फीसदी जल चुकी थी। दिखावे के लिए परिजनों ने बिजली को निजी डाॅक्टर को दिखाया था। इस दौरान बिजली उर्फ बबली का पति अरूण घर पर नहीं था। जहां से उसे गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया, लेकिन पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए कुमकुम ने सास कमलेश, पति नोनू और फुफेरे देवर अंकुर त्यागी के साथ मिलकर बिजली उर्फ बबली को जिंदा ही गन्ने के खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी।
कांस्टेबल ने दर्ज कराई थी एफआईआर
पुलिस को इसकी जानकारी हुई तो तत्कालीन कांस्टेबल तरुण धीमान ने अपनी तरफ से चारों के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य छिपाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने कुमकुम की निशानदेही पर गन्ने के खेत में जमीन में गढ़ा बिजली का शव बरामद किया था। बाद में पुलिस ने चारों को न्यायालय के पेश कर जेल भेज दिया था।
तीन महीने पहले चोरों को हुई उम्रकैद
करीब नौ साल से मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत में चल रही थी। 19 अप्रैल 2025 को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूताें के आधार पर आरोपी कमलेश, अंकुर त्यागी, नोनू और कुमकुम को दोषी करार दिया था। साथ ही चारों उम्रकैद की सजा सुनाई और 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
जमीन का बंटवारा होने का डर भी बना वारदात की वजह
पुलिस की जांच में सामने आया था कि अरुण त्यागी अविवाहित है। इसलिए वह असम से बिजली उर्फ बबली को पत्नी बनाकर घर ले आए थे। इसके बाद उनके छोटे भाई की पत्नी कुमकुम बिजली उर्फ बबली को प्रताड़ित करने लगी। कुमकुम को डर था कि बिजली उर्फ बबली को संतान पैदा होगी तो उनकी पैतृक जमीन का बंटवारा हो जाएगा। लेकिन, कुमकुम जमीन का वटवारा नहीं चाहती थी। अदालत में सुनवाई के दौरान जमीन के बंटवारे का लालच भी हत्या का मुख्य कारण सामने आया था।
-
जिंदा दफनाने के 24 घंटे बाद पुलिस ने निकाला था शव
बिजली को जिंदा जलाने वाले हत्यारो ने घटना के बाद इलाज कराने की बात कहकर पुलिस को गुमराह किया था, जबकि हकीकत में उन्होंने महिला का उपचार तक नहीं कराया। 80 फीसदी झुलसी बिजली को जिंदा ही गन्ने के खेत में गड्ढा खोदकर उसमे दफना दिया था। हालांकि, 24 घंटे बाद पुलिस ने देवरानी कुमकुम से सख्ती से पूछताछ की तो वारदात से पर्दा उठ गया। इसके बाद पुलिस ने गड्ढा खोदकर बिजली का शव निकाला था।