अमरोहा। शनिवार शाम से मुकद्दस रमजान का दूसरा अशरा शुरू हो गया। दूसरे अशरे को मगफिरत (गुनाहों की माफी) का अशरा माना जाता है। ऐसे में रोजेदार 11वीं शब की शुरुआत से ही अल्लाह की रजा हासिल करने के लिए खास इबादत में जुट गए। मस्जिदों में देर रात तक नमाज, कुरान की तिलावत और दुआओं का सिलसिला चलता रहा।
शहर के प्रमुख आलिम मुफ्ती नसीम मजहरी ने बताया कि इस अशरे में की गई सच्चे दिल से इबादत पर अल्लाह अपने बंदों के गुनाह माफ कर देता है। इसलिए रोजेदारों को चाहिए कि वह तौबा-इस्तगफार करते हुए ज्यादा से ज्यादा वक्त इबादत में गुजारें।
मौलाना आदिल ने कहा कि अगर इंसान सच्चे दिल से उसकी बारगाह में गिड़गिड़ाकर दुआ मांगे तो अल्लाह उसे हिदायत भी देता है और उसकी मगफिरत भी फरमा देता है। दूसरी ओर रमजान के दूसरे अशरे की शुरुआत के साथ ही बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। रोजेदार इफ्तार और सहरी के सामान के साथ-साथ ईद की खरीदारी भी करने लगे हैं। कपड़ों, जूतों और रोजमर्रा की जरूरत के सामान की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है।
व्यापारियों का कहना है कि 15 रोजे गुजरते ही रमजान की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी और खरीदारी में और तेजी आएगी। रमजान का दूसरा अशरा जहां एक ओर इबादत और मगफिरत का पैगाम दे रहा है, वहीं शहर का माहौल भी पूरी तरह से रूहानी रंग में रंगा नजर आ रहा है।