जिला अस्पताल के सुरक्षा गार्ड से हुई मारपीट की घटना से गुस्साए डॉक्टरों ने मंगलवार सुबह आठ बजे कार्य बहिष्कार कर दिया। नारेबाजी कर कार्रवाई की मांग करने लगे। उन्होंने सोमवार शाम वकीलों पर सुरक्षा गार्ड से मारपीट करने का आरोप लगाया। कहा कि वकील हाथों में बेट और लाठी-डंडे लिए थे। करीब चार घंटे ओपीडी बंद रहने से मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।
चिकित्सकों ने वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर डीएम को शिकायतीपत्र सौंपा। साथ ही देहात थाना पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। उधर, मामले को गंभीरता से लेकर सीएमओ व सीएमएस डीएम से बातचीत की और अपनी शिकायत दर्ज कराई। दोनों अधिकारियों के समझाने पर स्वास्थ्यकर्मी कार्य पर लौट गए और 12 बजे से दो बजे तक ओपीडी की।
अमरोहा के मोहल्ला आवास विकास निवासी पूर्व सैनिक कपिल देव जिला अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड हैं। उनकी ड्यूटी अस्पताल के मुख्य गेट पर लगी है। गेट के पास वाहनों को खड़ा करना मना हैं, क्योंकि इससे आपातकालीन मरीजों व एंबुलेंस का अवागमन रहता है। सोमवार शाम करीब चार बजे एक व्यक्ति अपनी स्कूटी अस्पताल के गेट पर खड़ी करने लगा। सुरक्षा गार्ड कपिल देव ने इसका विरोध किया, तो स्कूटी सवार लोग झगड़ने लगा। व्यक्ति ने पहले तो सुरक्षा गार्ड के साथ गाली-गलौज की। फिर फोन कर अपने अधिवक्ता साथियों को बुला लिया। इसके बाद काफी संख्या में वकील अस्पताल परिसर में घुस आए और सुरक्षा गार्ड से क्रिकेट के बेट और लाठी-डंडों से मारपीट की। जिससे वह घायल हो गया।
आरोप है कि चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह, ड्यूटी पर तैनात महिला स्टाफ, नर्सों व चिकित्सकों से भी अभद्रता की गई। ओपीडी गेट को बंद करने का प्रयास किया। सुरक्षा गार्डों ने भागकर अपनी जान बचाई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ पंकज त्यागी ने वकीलों को समझाकर भेज दिया। सोमवार शाम तो मामला शांत हो गया था, लेकिन मंगलवार सुबह अस्पताल पहुंचे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ ने कार्य बहिष्कार कर दिया। कहा, सुरक्षा गार्ड से हुई घटना से अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों में आक्रोश और भय का माहौल है। स्वास्थ्य कर्मी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
डीएम को सौंपा शिकायती पत्र
मामले की जानकारी पर सीएमओ डॉ. एसपी सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। सीएमएस डॉ. प्रेमा पंत त्रिपाठी व अन्य चिकित्सकों से वार्ता की। सुरक्षा गार्ड और शिक्षकों के साथ हुई घटना को जायज मानते हुए सीएमएस और सीएमओ डीएम निधि गुप्ता से मिले और घटना से अवगत कराया। दोनों अधिकारियों के आश्वासन पर चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ कार्य पर लौट आया। सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक स्वास्थ्यकर्मियों के विरोध प्रदर्शन के चलते अस्पताल पहुंचे मरीज और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों कार्रवाई की मांग करते हुए डीएम को शिकायतीपत्र दिया गया है।
भटकते रहे मरीज, कार्रवाई की रणनीति बनाते रहे स्वास्थ्यकर्मी
सुरक्षा गार्ड के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद मंगलवार सुबह से ही जिला अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ ने कार्य बहिष्कार कर दिया। डॉक्टर कक्ष से उठकर मारपीट करने वाले वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की रणनीति बनाने लगे। कुछ डॉक्टर सीएमएस के कक्ष में जाकर बैठ गए तो कुछ जिला अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर चर्चा करने लगे। इस दौरान मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटकते रहे। ओपीडी के साथ अन्य कक्षों में पहुंचने वाले मरीज परेशान नजर आए। अस्पताल परिसर में मरीजों की भीड़ लग गई। कुछ मरीज इंतजार कर वापस भी लौट गए।
- हम अपने डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ खड़े हैं। मैंने और सीएमएस ने डीएम से मुलाकात की और पूरे मामले से अवगत कराया है। उन्होंने भी पुलिस को कार्रवाई करने के लिए कहा है। मैंने एसपी से भी जिला अस्पताल में चौकी खुलवाने की मांग की है। जिससे हमारे स्वास्थ्य कर्मियों से साथ इस तरह की कोई घटना दोबारा न हो। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ