गांव निरयावली खादर में मिट्टी की ढांग के नीचे दबकर प्रियांशी (13) की मौत हो गई। जबकि, उसकी चाची घायल हो गई। चाची को अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। उधर, किशारी की मौत से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। हालांकि, परिजनों ने बिना कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
गांव निरयावली खादर निवासी किसान लोकेश सिंह की बेटी प्रियांशी सोमवार दोपहर चाची निर्दोष देवी व चाचा सतीश के साथ गांव के पास ही मध्य गंगा नहर के पास मिट्टी लेने गई थी। मिट्टी की खोदाई करने के लिए प्रियांशी ढांग के नीचे घुस गई, जबकि चाची कुछ बाहर की ओर थी। अचानक ढांग भरभराकर ढह गई और प्रियांशी उसके नीचे दब गई। जबकि, चाची भी चपेट में आ गई। सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मिट्टी हटाकर प्रियांशी को बाहर निकाला गया।
परिजन घायल किशोरी को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, मिट्टी के नीचे दबकर किशोरी की चाची निर्दोष देवी भी घायल हो गई। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। परिजनों ने बिना कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। प्रियांशी गांव के पास ही एक विद्यालय में कक्षा आठ की छात्रा थी। सीओ दीप कुमार पंत का कहना है कि मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।
कुछ दिन पहले ही हुई थी दादी की मौत
प्रियांशी की दादी की मौत भी कुछ दिन पहले ही हुई थी। परिजनों ने बताया कि वह काफी समय से बीमार थीं। आने वाले बृहस्पतिवार को उनकी तेरहवीं है। घर में मिट्टी से कुछ कार्य होना था। इसके लिए परिवार के प्रियांशी परिवार के लोगों के साथ मिट्टी लेने गई थी। लेकिन, हादसे में उसकी मौत हो गई। कुछ ही दिनों में दादी पोती की मौत से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।