शहर में तालाबों को पाटकर जमीन कारोबारी प्लॉटिंग कर मोटा मुनाफा कर जमीन तो कब्जा ही रहे हैं, साथ ही बिना ले-आउट पास कराए सरकार को राजस्व का नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। डीएम निधि गुप्ता के तालाबों पर कब्जे को लेकर सख्त होने के बाद तहसील प्रशासन की और से भी सख्ती शुरू कर दी गई है।
शहर के बीच में स्थित कुशक तालाब पर भी कब्जे की नीयत से पहले कूड़ा डाला गया, उसके बाद मिट्टी का भराव कर उस कब्जे का प्रयास किया गया। रविवार को पालिका के ईओ ने तालाब के मुआयने के बाद इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दे दी। इस पर एसडीएम सुधीर कुमार मौके पर पहुंचे और तालाब की पैमाइश शुरू कर तालाब से कब्जा हटाने के निर्देश दिए। जिसके बाद पालिका की जेसीबी से तालाब में भराव की मिट्टी को बाहर निकालना शुरू कर दिया गया।
सोमवार को भी तालाब से मिट्टी निकालने का काम जारी रहा। एसडीएम सुधीर कुमार ने बताया कि अवैध कॉलोनियों व तालाब पर कब्जा करने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिर से कब्जे का प्रयास करने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को हुई कार्रवाई के दौरान एसडीएम के अलावा नायब तहसीलदार रूपक सक्सेना, विनियमित क्षेत्र के जेई भानुप्रताप सिंह, लेखपाल प्रशांत कुमार सहित पालिका की टीम मौजूद रही।