जिले में छह सीएचसी, 35 पीएचसी और एक जिला अस्पताल संचालित है। गर्भवतियों को बेहतर जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नई व्यवस्था की शुरुआत की गई है। प्रत्येक केंद्रों पर फिटल माॅनिटर के साथ अब पल्स ऑक्सीमीटर भी रहेगी। पल्स ऑक्सीमीटर से एक मिनट में ऑक्सीजन की मात्रा और बीपी की जानकारी हो सकेगी। सीएमओ डाॅ. एसपी सिंह ने बताया कि सीएचसी व पीएचसी पर इन उपकरणों को चरणबद्ध व्यवस्थित कराया जाएगा।
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य की पहुंच और गुणवक्ता दोनों में सुधार होगा। गर्भवती महिलाओं को बेहतर जांच की सुविधा मिलेगी। फिटल मॉनिटर एक ऐसा उपकरण है जो मां के गर्भाशय में बच्चे की हृदय गति और उसकी गतिविधि को ट्रैक करता है। यह उपकरण गर्भवती महिलाओं की गर्भावस्था के दौरान निगरानी और देखभाल के लिए आवश्यक है। फिटल माॅनिटर लगने से गर्भवती महिलाओं के लिए बेहतर निगरानी और देखभाल की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं का पता लगाने और बेहतर इलाज में मदद मिलेगी। सीएचसी और पीएचसी में सुविधा मिलने से गर्भवतियों को काफी राहत मिलेगी।