मंडी धनौरा। खादर क्षेत्र के गांवों में आतंक का पर्याय बने तेंदुए को पकड़े जाने के तीन दिन बाद भी पिंजरे से रिहाई नहीं मिली है। वह अभी अमरोहा के जटिवन में ही है। लखनऊ से वन क्षेत्र में छोड़े जाने संबंधित आदेश नहीं मिलने के कारण उसको नहीं आजाद किया जा सका है।
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार की रात एक तेंदुआ रमपुरा खादर गांव निवासी बचिछत्तर सिंह के खेत के चारों ओर लगे कंटीले तारों में फंस गया था। सूचना मिलने पर पहुंची वन विभाग की टीम ने चार घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को रेस्क्यू किया था। उसे पिंजरे में कैद कर अमरोहा ले जाया गया था। अमरोहा में मेडिकल चेकअप होने के बाद उसको वन क्षेत्र में छोड़ जाना था। लेकिन अभी तक इस संबंध में वन विभाग के उच्च अधिकारियों से इस संबंध में कोई निर्देश स्थानीय अधिकारियों को प्राप्त नहीं हुए हैं। डिप्टी रेंजर मनोज चौधरी ने बताया कि दो दिन अवकाश होने के कारण तेंदुए को वन क्षेत्र में छोड़े जाने के आदेश प्राप्त नहीं हुए है। उन्होंने बताया आदेश मिलते ही जिस वन क्षेत्र में छोड़े जाने के आदेश मिलेंगे, वहां तेंदुए को पिंजरे से आजाद कर दिया जाएगा। आमतौर पर इस क्षेत्र से पकड़े जाने वाले तेंदुए अमानगढ़ रेंज, सहारनपुर वन क्षेत्र व शिवालिक वन क्षेत्र में छोड़े जाते हैं।