अमरोहा। दिल्ली बम धमाके के तार अमरोहा से जुड़ना पहली बार नहीं है। इससे पहले भी देश में कई आतंकी गतिविधियों के तार जिले से जुड़ चुके हैं और खुफियां एजेंसियां जांच भी कर चुकी हैं। फिलहाल, एटीएस की पूछताछ के दौरान जोया की महिला डॉक्टर से कोई भी पुख्ता क्लू नहीं मिला। एटीएस दोबारा कभी भी पूछताछ कर सकती हैं।
26 दिसंबर 2018 को एनआईए और एटीएस की टीम ने संयुक्त रूप से शहर कोतवाली के मोहल्ला मुल्लाना, पचदरा, इस्लामनगर और नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव सैदपुर इम्मा में छापा मारा था। संयुक्त टीम की करीब दस घंटे कार्रवाई चली थी। घरों के दरवाजे तोड़कर घुसी टीम ने मोहल्ला मुल्लाना से मुफ्ती सुहैल, मोहल्ला पचदरा से इरशाद, सैदपुर इम्मा निवासी सईद और रईस को गिरफ्तार किया था।
इनके पास से पिस्टल, तमंचे, कारतूस, बारह किलो संदिग्ध आरडीएक्स और एक संदिग्ध राकेट लांचर बरामद किया गया था। जांच में नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव बांसखेड़ी निवासी मौलाना गुफरान के सुहैल से संबंध होने की बात सामने आई थी। कई दिनों की पूछताछ के बाद 20 अप्रैल 2019 को एनआईए ने गुफरान को भी गिरफ्तार कर तेरहवां आरोपी बनाया। गिरफ्तारी के करीब छह महीने बाद एनआईए ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। चार्जशीट में हरकत-उल-हरब-ए-इस्लाम के सरगना मुफ्ती सुहैल समेत सईद और मौलाना गुफरान के नाम चार्जशीट में शामिल थे।
पिछले दिनों अमरोहा नगर के कटरा बख्तावर के रहने वाले सैदुल अमीन का नाम जालंधर में भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर ग्रेनेड से हमला करने के उजागर होने के बाद अमरोहा फिर सुर्खियों में आ गया है। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियां और यूपी एटीएस सक्रिय हो गई थी। पंजाब पुलिस ने दावा किया था कि सैदुल अमीन के लिंक आतंकियों से जुड़े हैं। उधर, सैदुल अमीन की गिरफ्तारी के बाद अमरोहा सुर्खियों में आया था।