अमरोहा। सूरज की तपिश के चलते दोपहर में गर्मी का अहसास होने लगा है। तेज धूप के बीच शहर से लेकर गांवों तक राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नगर निकायों के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे ठंडे जल प्याऊ खुद ही प्यासे हैं। तकनीकी खामियों के कारण कई प्याऊ पूरी तरह से बंद हैं, जबकि कुछ में टोटियां ही गायब हैं। खराब फ्रीजर के चलते कई प्याऊ से गर्म पानी निकलता है, जिससे राहगीरों को पानी पीने में भी परेशानी होती है।
अमरोहा नगर ही नहीं बल्कि नौगावां सादात, जोया, हसनपुर और गजरौला क्षेत्र भी इसी तरह के हालात हैं। शीतल पानी नहीं मिलने के कारण लोग सड़क किनारे बिक रहे पेय और पेयजल का सहारा लेने को मजबूर हैं। सरकारी हैंडपंप भी काम नहीं कर रहे हैं।
कलक्ट्रेट के अधिवक्ताओं के चेंबर के पास लगा प्याऊ भी खराब पड़ा है। अमरोहा शहर में टीपीनगर चौराहा और जोया रोड ओवरब्रिज के नीचे लगा प्याऊ भी खराब है। विकास खंड जोया के ग्राम श्यौनाली में दो माह पहले लगाया गया प्याऊ तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है और राहगीरों को ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा। वहीं, नगर पंचायत जोया के मोहल्ला जोई में मुख्य मार्ग पर स्थित प्याऊ की टोटियां गायब हो गई हैं।
जोया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वाटर एटीएम मशीन भी खबरा पड़ी है। बछरायूं में पालिका की ओर से लगाया गया ठंडे पानी का प्याऊ खराब पड़ा है। नगर पंचायत के ईओ विपिन कुमार सेंगर ने बताया कि असामाजिक तत्वों द्वारा टोटियां उखाड़ ली गई हैं। उन्होंने जल्द ही बाहर से मिस्त्री बुलाकर प्याऊ की मरम्मत कराने और इसे सुचारू रूप से चालू कराया जाएगा। लोगों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में शीतल जल प्याऊ पानी का प्रमुख जरिया होते हैं, लेकिन उनकी खराब स्थिति ने राहगीरों को परेशानियों में डाल दिया है।
रेलवे स्टेशन और पशु अस्पताल में नहीं पानी के इंतजाम
गजरौला। रेलवे स्टेशन का चयन तीन साल पूर्व अमृत भारत योजना के तहत किया गया। पुराने भवन को ध्वस्त कर नए तरीके से बनाया जा रहा है। जिसके चलते यात्रियों के सामने अनेक परेशानियां आ रही हैं। सबसे अधिक दिक्कत पेयजल की है। प्लेटफार्म-1 और 2 पर पानी के लिए लगाई गईं कई टंकियों में पानी नहीं आ रहा। जबकि कई टूट गईं हैं। कुछ ही टंकियों में पानी आ रहा है। सभी टंकियां सही नहीं की गईं तो भीषण गर्मी में यात्रियों, कर्मचारियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी तरह पशु अस्पताल परिसर में लगा हैंडपंप खराब पड़ा है। परिसर में रहने वाले परिवार, पशुओं को दिखाने, उनकी दवाई लेने आने वाले लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ता है।