अमरोहा। फर्जी नाम से बदायूं में नौकरी कर रहे एक्स-रे टेक्नीशियन अर्पित के शासन ने दस्तावेज तलब किए है। कथित अर्पित ने अमरोहा जिले में छह साल नौकरी की थी। 2016 में तैनाती लेने के बाद 2022 को लखनऊ से मिले स्थानांतरण आदेश के जरिए बदायूं गया था।
फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद शासन ने अमरोहा में ड्यूटी करने वाले अर्पित के सभी दस्तावेज तलब कर लिए हैं। लखनऊ में उनका वेरिफिकेशन किया जा रहा है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह का दावा है कि अर्पित ने खुद को आगरा जिले का रहने वाला बताया था। उसने अपने दस्तावेजों के साथ आधार कार्ड आगरा जिले के पते का लगाया था। उस समय शासन से वेरिफिकेशन होने के बाद ही तत्कालीन सीएमओ ने उसे तैनाती दी थी। इस संबंध में सभी दस्तावेज विभागीय रिकार्ड में मौजूद है।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के जरिये स्वास्थ्य विभाग में मई 2016 में एक्सरे टेक्नीशियन की भर्ती हुई। तत्कालीन निदेशक (पैरामेडिकल) एसी त्रिपाठी के आदेश पर 403 एक्सरे टेक्नीशियन की अलग-अलग जिलों के अस्पतालों में नियुक्ति की सूची जारी की गई। सूची में सिर्फ एक अर्पित सिंह का नाम है जबकि स्वास्थ्य विभाग के मानव संपदा पोर्टल पर एक अर्पित सिंह के नाम, पिता के नाम और जन्मतिथि पर छह लोग नौकरी कर रहे हैं।
यह सभी शामली, रामपुर, फर्रुखाबाद, बांदा, बलरामपुर और बदायूं में कार्यरत हैं। इनमें से एक अर्पित सिंह ने अमरोहा में भी छह साल नौकरी की थी। इसका एक स्थानांतरण पत्र भी शासन स्तर से जारी हुआ था, यह पत्र फर्जी था या असली यह भी स्पष्ट नहीं है। निदेशक पैरामेडिकल एक त्रिपाठी के द्वारा जारी पत्र में अर्पित सिंह हाथरस आवंटित किया गया था।
2022 में तबादला कराकर चला गया था बदायूं
इसके बाद उसे संशोधित कर अमरोहा सीएमओ के अधीन भेजा गया। साल 2022 में तबादला कराकर अर्पित बदायूं चला गया था। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि अमरोहा जिले में ड्यूटी करने वाला अर्पित तबादला कराकर बदायूं गया था। उनके जिले में छह साल नौकरी की थी। शासन के मागने पर अर्पित के सभी दस्तावेजों को वेरिफिकेशन के लिए भेजा गया है। अर्पित सिंह ने खुद को आगरा का बताया था और दस्तावेजों के साथ लगा आधार कार्ड भी आगरा जिले के पते का है।