मुरादाबाद के निजी अस्पताल में मृत घोषित की गई युवती घर पर अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच अचानक जीवित हो गई। इस दौरान युवती का शरीर बर्फ पर रखा हुआ था। बेटी के जीवित होते ही परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह आनन-फानन में उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां करीब चार घंटे तक जिंदा रहने के बाद युवती ने फिर से दम तोड़ दिया। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
ये मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले का है। यहां रहने वाले एक व्यक्ति की 19 वर्षीय बेटी का करीब एक सप्ताह से स्वास्थ्य खराब था। तेज बुखार के साथ सिर दर्द की दिक्कत थी। हालत अधिक बिगड़ने पर परिजनों ने उसे मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। आसपास के लोगों ने बताया कि शनिवार सुबह अस्पताल में युवती की मौत हो गई। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। परिजन शव घर ले आए और शव को बर्फ की सिल्ली पर रख दिया। इस दौरान परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियां कर रहे थे। बताते हैं कि इसी बीच अचानक युवती के हाथ पैर हिलने लगे। युवती की धड़कन चलती देखकर परिजन अचंभित रह गए। परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियों छोड़ कर युवती को लेकर जोया रोड स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे और यहां भर्ती करा दिया। बेटी के जिंदा होने से परिजनों की भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मृत युवती के जिंदा होने की कहानी सुनकर डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ भी सन्न रहा गया। लिहाजा चिकित्सकों ने ऑक्सीजन स्पोर्ट पर लेकर युवती का इलाज शुरू कर दिया, लेकिन चार घंटे जिंदा रहने के बाद युवती ने दोबारा से दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।