सोत नदी के पुल की रोड साइड की पटरी को चौड़ा करने की मांग को लेकर हाईवे पर शुरू हुआ किसानों का धरना शनिवार को समाप्त हो गया। धरना स्थल पर पहुंचे एनएचआई के अधिकारी और तहसीलदार ने मौके पर जमीन की पैमाइश की। साथ ही किसानों को पुल की रोड साइड की पटरी चौड़ी करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
नेशनल हाईवे निर्माण के चलते घंसूरपुर वाले रास्ते पर सोत नदी का पुल बन रहा है। बुधवार को जोया और नारंगपुर के तमाम ग्रामीण एकत्र होकर हाईवे पर पहुंचे और पुल की रोड साइड की पटरी कम चौड़ी बनाने का आरोप लगाकर धरने पर बैठ गए थे और हाईवे का निर्माण कार्य रोक दिया था। ग्रामीणों के आरोप था कि कार्यदायी संस्था हाईवे पर जगह-जगह पुल की रोड साइड की पटरी को 10 मीटर छोड़ा है, जबकि यहां पर केवल 5 मीटर का साइड की पटरी छोड़ी गई। ग्रामीणों ने अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों की समस्या को लेकर डीएम बीके त्रिपाठी ने शनिवार को एनएचआई से जुड़े मैनेजर हेमंत कुमार और तहसीलदार भूपेंद्र सिंह यादव को मौके पर भेजा। यहां पहुंचे अधिकारियों ने किसानों से उनकी समस्या समझी और बाद में मौके पर जमीन की पैमाइश की।
दोनों अधिकारियों ने पुल की रोड साइड की पटरी को चौड़ा करने का आश्वास देकर किसानों को धरना समाप्त कराया। इस दौरान नौशाद अली, नासिर, यशफल, इबरान अली, जीशान अली, शिवपाल सिंह, विरेंद्र सिंह, अंकित, हरस्वरूप आदि मौजूद रहे।