जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर कूबी के किसानों का आंदोलन जारी है। अब किसानों ने प्रशासन से मांग उठाई कि उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से कराई जाए। ताकि वह अपनी बात को उनके समक्ष रख सकें। किसानों ने भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के यहां पहुंचकर अपनी बात रखी।
मध्य गंगा नहर गांव कूबी, रामपुर घना और मोहनपुर किसानों की जमीन अधिग्रहित हुई थी। लेकिन, उन्हें अपनी जमीन का मुआवजा अभी तक नहीं मिल सका है। मुआवजे की मांग को लेकर तीनों गांव के किसान फरवरी 2023 से लगातार कूबी गांव में आंदोलनरत हैं।
किसानों की मांग है कि उन्हें मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से चार गुना अधिक मुआवजा दिया जाए। गत वर्ष किसानों के धरने में महिलाओं ने भी अगुवाई की थी। यही नहीं अगस्त माह में धरने के दौरान एक किसान की हार्टअटैक से मौत भी हो गई थी। उसके बाद भी प्रशासन स्तर से कोई पहल नहीं की गई।
वहीं, बीते बुधवार को भाकियू टिकैत, भाकियू संयुक्त किसान मोर्चा, भाकियू करतार सिंह गुट, भाकियू खालसा, भाकियू चौहान संगठन के पदाधिकारियों ने कूबी में धरना स्थल पर पंचायत की थी। जिसमें फैसला लिया कि तीनों गांवों के किसान दो दिन में वार्ता करते हुए जो फैसला लेंगे, वह उनके साथ खड़े रहेंगे। शनिवार को तीनों गांव किसान धनौरा क्षेत्र के गांव फतेहपुर निवासी व भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय विजयपाल सिंह के यहां पहुंचे।