गजरौला। हाईस्कूल पास करने के चार महीने बाद छात्रा अंकिता को फेल किए जाने के मामले में डीआईओएस ने मंगलवार को छात्रा, उसके माता-पिता और दोनों कॉलेजों के प्रबंधकों को बुलाकर जानकारी ली। इसके बाद 11वीं में प्रवेश देने वाले कॉलेज का नामांकन निरस्त कर हाईस्कूल वाले विद्यालय में दोबारा प्रवेश के निर्देश दिए।
वहीं, हाईस्कूल की परीक्षा मूल्यांकन में गड़बड़ी करने वाले परीक्षक प्रदीप कुमार आदर्श इंटर कॉलेज शंभूगंज जौनपुर में पढ़ातेे हैं, जबकि सुरेंद्र कुमार राष्ट्रीय इंटर कॉलेज जौनपुर में तैनात हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि उनकी प्रयागराज में बोर्ड के अफसरों से बात हुई हैै। बताया गया है कि इस तरह आदेश जारी किए गए हैं कि दोनों आरोपी शिक्षक पांच साल के लिए परीक्षा मूल्यांकन से वंचित रहेंगे। उनको परीक्षा मूल्यांकन का पारिश्रमिक भी नहीं दिया जाएगा।
शहवाजपुर डोर निवासी अंकिता ने जनता हाईस्कूल से हाईस्कूल पास किया था। परिणाम के बाद उसने भारापुर स्थित कमलेश गिल इंटर कॉलेज में 11वीं में प्रवेश लिया। 20 अगस्त को उसे फेल किए जाने की जानकारी मिली। बताया गया कि अंकतालिका तैयार करते समय गलती से किसी अन्य छात्र के अंक उसके परिणाम में जुड़ गए थे।
डीआईओएस ने जनता कॉलेज के प्रबंधक अहसान अली और कमलेश गिल इंटर कॉलेज के प्रबंधक मूलचंद गिल को तलब किया। मूलचंद गिल को 11वीं से नाम काटने और अहसान अली को छात्रा का दोबारा हाईस्कूल में प्रवेश लेने के निर्देश दिए।
दूसरे छात्र के अंक जुड़ने से अंकिता को फेल कर दिया
गजरौला। हाईस्कूल परीक्षा-2026 के मूल्यांकन में परीक्षकों की गलती से एक छात्र के अंक दूसरे की अंकतालिका में जुड़ गए। इससे अंकिता के अनुक्रमांक 1260594295 में दूसरे परीक्षार्थी के अंक जुड़ने से वह पास हो गई, जबकि असल में पास छात्रा फेल हो गई। चार महीने बाद गलती सामने आने पर अंकिता को फेल कर दिया गया।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय बरेली के क्षेत्रीय सचिव के पत्र के अनुसार अनुक्रमांक 1260583895 के परीक्षार्थी को हिंदी में कम अंक मिलने पर संदेह हुआ। उसने परीक्षा सुधार के साथ कॉपी जांच की मांग की। तीन सदस्यीय समिति की जांच में मूल्यांकन परीक्षक प्रदीप कुमार और सुरेंद्र कुमार की गलती सामने आई। जिला विद्यालय निरीक्षक ने भी इसकी पुष्टि की है।
दोनों परीक्षक पांच साल मूल्यांकन से बाहर
गजराैला। हाईस्कूल की परीक्षा मूल्यांकन में गड़बड़ी करने वाले परीक्षक प्रदीप कुमार आदर्श इंटर कॉलेज शंभूगंज जौनपुर में पढ़ातेे हैं, जबकि सुरेंद्र कुमार राष्ट्रीय इंटर कॉलेज जौनपुर में तैनात हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि उनकी प्रयागराज में बोर्ड के अफसरों सेे बात हुई हैै। बताया गया है कि इस तरह आदेश जारी किए गए हैं कि दोनों आरोपी शिक्षक पांच साल के लिए परीक्षा मूल्यांकन से वंचित रहेंगे। उनको परीक्षा मूल्यांकन का पारिश्रमिक भी नहीं दिया जाएगा।
बेटी के इंसाफ के लिए कोर्ट जाएंगे पिता
अंकिता के पिता सुलेंद्र और मां किरन देवी मामले से आहत हैं। सुलेंद्र ने कहा कि वह बेटी के इंसाफ के लिए जरूरत पड़ने पर अदालत जाएंगे। उन्होंने बताया कि नोएडा में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी बात की है और जल्द अगला कदम उठाएंगे।