संभल। कृषि विभाग द्वारा संचालित एग्री स्टैक योजना के अंतर्गत डिजिटल बेस किसान रजिस्ट्री तैयार करने में जिला फिसड्डी साबित हो रहा है। जिले में 2.68 लाख फार्मर रजिस्ट्री के सापेक्ष 40 हजार किसानों की ही फार्मर रजिस्ट्री बन सकी हैं। यह लक्ष्य के मात्र 15 फीसदी है। यह स्थिति तब है, जब जिले में डोर-टू-डोर अभियान के तहत कृषि विभाग, राजस्व विभाग, पंचायत विभाग, गन्ना विभाग एवं जन सेवा केंद्रों के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री बनाईं। वहीं, फरवरी माह में उन्हीं लाभार्थियों को किसान सम्मान निधि मिलनी है, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री होगी।
- राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन आईटी सेल के जिलाध्यक्ष कुलदीप चौधरी ने बताया कि एग्रो टेक वेबसाइट पर जाकर किसानों को अपनी रजिस्ट्री करानी है। लेकिन वेबसाइट काम नहीं कर रही है। जिसकी वजह से काम नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि सीएससी सेंटर पर किसानों को निशुल्क रजिस्ट्री कराने की सुविधा अधिकारियों को देनी चाहिए। रजिस्ट्री कराने के नाम पर किसानों से 100-150 रुपये लिए जा रहे हैं।
नहीं मिलेगा किसान सम्मान निधि का लाभ : उप कृषि निदेशक
उप कृषि निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बिना रजिस्ट्री कराए किसी भी किसान को सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा। इसके लिए किसानों को upfr.agritack.gov.in पर जाकर आधार के साथ अपना खाता लिंक कराना होगा। इसके बाद किसानों की पूरी जमीन संबंधी जानकारी एकीकृत होगी। अन्य कई योजनाओं का लाभ भी वह आसानी से ले सकते हैं। यह कार्य किसान खुद भी इंटरनेट के जरिये मोबाइल व कंप्यूटर की सहायता से कर सकते हैं।