पुरानी एंबुलेंस किसी घटना या हादसे की जानकारी मिलने पर स्टार्ट होने में दिक्कत करती हैं। कई बार एंबुलेंस को धक्का देकर स्टार्ट करते देखा गया है। लेकिन, नई एंबुलेंस में ऐसा नहीं होगा। नई एंबुलेंस में एसी, दवा किट और ऑक्सीजन लैस हैं।
इसके अलावा जल्द की पांच एंबुलेंस और मिल सकती हैं। जिससे रिस्पांस टाइम के सुधार के साथ मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी। यह पुरानी सभी एंबुलेंस अपनी निर्धारित यात्रा पुरी कर चुकी है और मियाद भी पूरी होने पर उन्हें कंडम घोषित किया जा चुका है। पुरानी एंबुलेंस में दवा का अभाव, एसी खराब, टायर खराब जैसी कई परेशानी है। मरीज के फोन पर आने पर स्टार्टिंग की परेशानी के कारण ये रोगियों को लेने के लिए मौके पर जल्दी पहुंचने की बजाय कई बार देरी से पहुंचती हैं।
इस वजह से रेफर होने वाले रोगियों को प्राइवेट एंबुलेंस या निजी साधन का सहारा लेना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग में 108 व 102 नंबर की कुल 41 हैं। जिले में इनका संचालन निजी कंपनी करती है। इसके एवज में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कंपनी को भुगतान किया जाता है। शासन से इन गाड़ियों को लगभग दो लाख किलोमीटर चलाकर बदलने के आदेश हैं। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि जिले को 20 नई एंबुलेंस मिल गई हैं। पांच और मिलने की उम्मीद है।