गजरौला। सिंचाई विभाग के ठेकेदार देव ऋषि उर्फ दीपक व उनके चालक इंद्रपाल की मौत का खुलासा न होने पर परिजनों में नाराजगी है। उनका कहना है कि वह मुख्यमंत्री के दरबार में खुलासे की मांग उठाएंगे। विधान परिषद में मुद्दा उठवाने के लिए दो एमएलसी से बात कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार सुबह शुक्लपुरी मोहल्ला निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक अतरपाल सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया। इसमें पुलिस से बेटे व चालक की मौत के खुलासे की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके बेटे देव ऋषि उर्फ दीपक व उनके चालक इंद्रपाल निवासी चौबारा के शव 29 मई की सुबह अवंतिका नगर स्थित कार्यालय के बरामदे में मिला था। कार्यालय उनके बेटे का था। बेटे सिंचाई विभाग में ठेकेदारी करते थे।
उनका आरोप है कि बेटे व चालक की हत्या की गई। घटना से छह दिन पूर्व एक युवक के चाचा से उनके बेटे का लग्न रिश्ते में विवाद हुआ था। युवक भी उनकी गाड़ी चलाता था। युवक व उसके चाचा ने उनके बेटे व चालक इंद्रपाल की मौत की साजिश रची। घटना को 50 दिन बीत गए। मगर पुलिस ने खुलासा नहीं किया गया। पुलिस बिसरा रिपोर्ट न आने की बात कह टाल रही है। पुलिस ने उस युवक और उसके चाचा को बुलाकर पूछताछ नहीं की। जबकि उनका आरोप है कि चाचा-भतीजे के पेट में मौत का राज छिपा है। पुलिस ने जल्द खुलासा नहीं किया तो परिवार मुख्यमंत्री के दरबार में पेश होकर खुलासे की मांग रखेगा। दीपक की बहन हेमलता, मां चंद्रकिरण, पत्नी रेखा रानी ने कहा कि अब परिवार चुप नहीं बैठेगा।
विधान परिषद में उठवाएंगे खुलासे का मुद्दा
गजरौला। सेवानिवृत्त शिक्षक अतरपाल सिंह ने कहा कि वह शिक्षक संगठन में चेतनारायण गुट से जुड़े हैं। एमएलसी चेतनारायण सिंह व राज बहादुर सिंह चंदेल से उनके अच्छे संबंध हैं। बेटे व चालक की मौत के खुलासे की मांग रखेंगे। कहेंगे कि इस मुद्दे को विधान परिषद में उठाएं। जिससे पुलिस जल्द से जल्द खुलासा करने के लिए मजबूर हो। संवाद