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Amroha News: अधूरे गंगा एक्सप्रेस-वे पर मनमानी का सफर दे रहा दर्द

Sat, 24 May 2025 02:19 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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हसनपुर के पंडकी में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस-वे पर अवैध रूप से ढलान से कार को चढ़ाते हुए।  सं
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हसनपुर (अमरोहा)।
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मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे पूरा होने से पहले ही लापरवाही व अव्यवस्था के कारण हादसों का सबब बन रहा है। विशेष रूप से अमरोहा जनपद के हसनपुर तहसील क्षेत्र में जहां एक्सप्रेस-वे का एक बड़ा हिस्सा निर्माणाधीन है, वहां अवैध प्रवेश और निकास के कारण दुर्घटनाओं का सिलसिला बढ़ रहा है। प्रतिबंध के बाद ही कुछ लोग मनमानी कर एक्सप्रेस-वे पर वाहन दौड़ा रहे है।
गंगा एक्सप्रेस-वे अमरोहा जिले के हसनपुर तहसील के 24 गांवों से होकर गुजरता है। जिले में एक्सप्रेस की कुल दूरी 23.6 किलोमीटर है। करीब 22.6 किलोमीटर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन लगभग एक किलोमीटर का हिस्सा अभी भी निर्माणाधीन है। पंडकी गांव के पास यह अधूरा काम और भी खतरनाक साबित हो रहा है। यहां मिट्टी भराव का कार्य अधूरा होने के कारण एक ढलान बनी हुई है, जिसका इस्तेमाल लोग धड़ल्ले से एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने और उतरने के लिए कर रहे हैं।
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सिर्फ एक जगह वैध प्रवेश-निकास की व्यवस्था
स्थानीय प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की लापरवाही का आलम यह है कि पूरे जिले में गंगा एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश और निकास के लिए केवल मंगरौला में टी-पॉइंट के पास ही आधिकारिक व्यवस्था की गई है। हालांकि, यहां भी हादसों की आशंका को देखते हुए प्रवेश सड़क पर पहले से ही बैरिकेडिंग की गई है। इसके बावजूद, पंडकी जैसे निर्माणाधीन स्थलों पर ढलान का फायदा उठाकर लोग बेरोकटोक अपने दोपहिया, चार पहिया और यहां तक कि बड़े वाहनों को भी एक्सप्रेस-वे पर चढ़ा रहे हैं। यह स्थिति न केवल खतरनाक है, बल्कि यातायात नियमों का खुला उल्लंघन भी है।
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जानलेवा साबित हो रही शॉर्टकट अपनाने की होड़
स्थानीय निवासियों द्वारा शॉर्टकट अपनाने की प्रवृत्ति हादसों का एक बड़ा कारण बन रही है। लोग समय बचाने और लंबी दूरी तय करने से बचने के लिए निर्माणाधीन ढलानों का उपयोग कर रहे हैं। उन्हें शायद इस बात का अंदाजा नहीं है कि यह सुविधा उनके लिए कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। निर्माणाधीन साइटों पर सुरक्षा मानकों का अभाव और उचित साइनेज की कमी भी इस समस्या को बढ़ा रही है। रात के समय या खराब मौसम में, ये अवैध प्रवेश बिंदु और भी खतरनाक हो जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
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प्रशासन की ढिलाई और संभावित खतरे
यह एक गंभीर चिंता का विषय है कि इतने बड़े राष्ट्रीय परियोजना पर, जहां सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, वहां इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है। निर्माण एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को इन अवैध प्रवेश बिंदुओं पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। सुरक्षा बैरिकेड्स, स्पष्ट चेतावनी संकेत और नियमित निगरानी की आवश्यकता है ताकि लोग इन खतरनाक ढलानों का उपयोग करने से बचें। यदि इन अनधिकृत प्रवेश द्वारों को तुरंत बंद नहीं किया गया, तो भविष्य में और भी बड़े और घातक हादसों की आशंका बनी रहेगी। गंगा एक्सप्रेस-वे के पूरा होने से पहले ही, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि यह आम जनता के लिए सुरक्षित भी हो।
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एक सप्ताह में दो मौत व 16 लोग हो चुके घायल
निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस पर अवैध रूप से वाहन दौड़ाते समय एक सप्ताह में दो हादसे बड़े हादसे हो चुके हैं, जिसमें बाइक सवार संभल के दो युवकों की मौत हो चुकी है और ट्रैक्टर-ट्राॅली से हुए हादसे की वजह से 16 लोग घायल हो चुके हैं। इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
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अमरोहा जनपद में मंगरौला में एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था की गई है। वह भी अभी वाहनों के लिए बंद है, केवल निर्माण में लगे वाहनों और मशीनों को ही अभी इन रास्तों से ले जाया जा रहा है। इसके बाद भी अवैध रूप से लोग अपने वाहनों को गंगा एक्सप्रेस पर पर दौड़ा रहे हैं, जिसकी वजह से हादसे हो जाते हैं। इसे रोकने के लिए सतर्कता बरती जाएगी। अशोक मोगा, एक्सईएन गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण (मेरठ से बदायूं तक)
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