अमरोहा। गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने के लिए निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में पहली कक्षा की 25 फीसदी सीटों पर गरीब परिवारों के बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है। इसके लिए सरकार निजी विद्यालयों को प्रतिपूर्ति के रूप में प्रति बच्चा निर्धारित रुपये हर माह देती है। शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन की प्रक्रिया दिसंबर से शुरू होगी जिसमें लॉटरी के जरिए बच्चों का चयन किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग गरीब परिवारों के बच्चों को आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाता है। इससे अलग-अलग तिथियों में आवेदन और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया की जाती है। इस बार यह प्रक्रिया एक दिसंबर से शुरू होगी। पिछली बार जहां आवेदन की प्रक्रिया चरणों में पूरी की गई थी, वहीं इस बार पांच चरणों में आवेदन का मौका दिया गया है जिसमें ई-लाॅटरी के माध्यम से बच्चों का चयन किया जाएगा।
इसके लिए अभिभावकों को www.rte25.upsdc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। आवेदन के लिए अभिभावकों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए। कक्षा नर्सरी में प्रवेश के लिए बच्चे की उम्र तीन से चार वर्ष के बीच होना चाहिए।
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गलत जानकारी देने पर होगी विधिक कार्रवाई
आवेदन करने के बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ई-लॉटरी के माध्यम से बच्चों का चयन किया जाएगा लेकिन सत्यापन के दौरान कूटरचित दस्तावेज पाए जाने पर अभिलेखों के निरस्तीकरण की कार्रवाई तो की ही जाएगी, साथ ही विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा लॉटरी के बाद आवंटित स्कूल द्वारा प्रवेश न दिए जाने पर स्कूल के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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विद्यालय द्वारा जारी की जाएगी अपार आईडी
प्रवेश पाने वाले बच्चे का डाटा आरटीई पोर्टल, यू-डायस पोर्टल पर फीड कराते हुए अपार आईडी बनवाई जाएगी। प्रवेश पाने वाले बच्चों की अपार आईडी न बनाए जाने व डाटा फीड न करने पर विद्यालय को फीस प्रतिपूर्ति नहीं दी जाएगी।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत इस बार पांच चरणों में आवेदन की प्रक्रिया होगी। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। निर्धारित अर्हता पूरी करने वाले अभिभावक आवेदन कर सकते हैं। - प्रशांत कुमार, जिला समन्वयक