कार्य से हटाए पर मानसिक तनाव में चल रहे वन विभाग के कथित चौकीदार ने घर में ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बिना कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद आत्महत्या के लिए परिजनों ने वन विभाग के अफसरों को ही जिम्मेदार ठहराया।
क्षेत्र के वंशीवाला महरपुर निवासी करीब पचपन वर्षीय नेपाल सिंह वन विभाग के देहरी गुर्जर वन ब्लॉक में कथित रूप से चौकीदार के रूप में कार्य करता था। परिजनों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी कई दिन से नेपाल सिंह को परेशान कर रहे थे। तीन दिन पहले वन क्षेत्राधिकारी ने सभी चौकीदारों को बुलाया था। इसके बाद नेपाल समेत दो चौकीदारों को कार्य से हटा दिया था। जिसके कारण नेपाल सिंह तनाव में रहने लगे। जिससे के बाद मंगलवार को नेपाल सिंह ने अपने घर में ही पंखे में लटक कर आत्महत्या कर ली। परिवार वालों ने बिना पुलिस जानकारी दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। उसने अपने पीछे एक बेटा व एक बेटी छोड़े हैं जिनकी अभी शादी भी नहीं हुई है। परिवार के लोग सदमे में हैं।
सुसाइड नोट में लिखा- वन रेंजर देते थे गालियां, बिना कारण हटाया
परिजनों ने एक सुसाइड नोट भी दिखाया है। परिजनों के मुताबिक नेपाल सिंह ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट में आत्महत्या का कारण भी लिखा है। जिसमें लिखा है कि मुझे रेंजर ने चौकीदार के पद से बिना कारण हटा दिया है। अक्सर रेंजर द्वारा गाली-गलौज की जाती थी। मेरी प्रशासन से गुजारिश है कि मेरी मौत के बारे में मेरे परिवार और किसी गांव वाले को न फंसाया जाए।
नेपाल सिंह चौकीदार के पद पर काम नहीं करता था। वह मजदूरी पर काम करता था। जब काम होता था उसे काम पर लगाया जाता था। चौकीदार का कोई पद ही नहीं है। लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। -शीश पाल सिंह, वन क्षेत्राधिकारी, हसनपुर