यह घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव लुहारी खादर में हुई थी। गांव में पंछी का परिवार रहता है। 14 नवंबर 2017 की सुबह करीब आठ बजे उनका बेटा कृतांक (5) और शिवा (3) गांव में ही खेल रहे थे। उसी समय गांव का ही रतन सिंह (70) खेत से आ रहा था, जिसके हाथ में गन्ना काटने की बलकटी थी। उसने दोनों मासूम भाइयों पर बलकटी से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। बलकटी कृतांक के गले पर लगी, जिससे वह खून से लथपथ होकर गिर गया। जबकि, शिवा के हाथ और शरीर में जगह-जगह चोट लगी थी। बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पहुंचे और आरोपी रतन सिंह को पकड़ने का प्रयास किया तो वह ग्रामीणों पर हमलावर हो गया था।
इसके बाद ग्रामीणों ने किसी तरह रतन सिंह को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। उधर, घायल कृतांक को हायर सेंटर रेफर कर दिया था। मामले में पुलिस ने रतन सिंह के खिलाफ हत्या की कोशिश की रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। फिलहाल, वह जमानत पर था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित प्रथम नाजनीन बानो की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सर्वेश कुमार शर्मा पैरवी कर रहे थे। सोमवार को कोर्ट ने आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी रतन सिंह को दोषी करार दिया। साथ ही उसे चार साल छह माह की सजा सुनाई और 1000 रुपये का जुर्माना लगाया है।