अमरोहा। करीब तीन साल पहले गजरौला में हुए धर्मांतरण के मामले में कोर्ट के सामने दोनों पक्षों की गवाही पूरी हो गई है। कोर्ट ने मामले सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तारीख नियत की है। इसी दिन कोर्ट फैसला सुना सकता है।
यह मामला गजरौला थाने से जुड़ा है। शहर में रहने वाली युवती को रजबपुर थानाक्षेत्र के अंबरपुर गांव के रहने वाले नईम अहमद ने खुद को रोहित चौधरी बताते हुए प्रेमजाल में फंसा लिया था। आरोपी ने खुद को अमरोहा क्राइम ब्रांच में तैनात होने की बात कही थी। आरोपी ने युवती से जबरन शारीरिक संबंध भी बनाए और 18 मार्च 2022 को प्रेम विवाह कर लिया। युवती ने शादी में परिवार वालों को बुलाने के लिए कहा तो नईम अहमद ने माता-पिता के नहीं होने की बात कही थी।
शादी के बाद धर्म छिपाकर नईम अहमद युवती के साथ संबंध बनाता रहा। विरोध करने पर मारपीट करता था। इसके बाद अप्रैल 2022 में नईम अहमद ने अपना क्राइम ब्रांच एसओ के पद पर प्रमोशन बात कर युवती से दो लाख रुपये ले लिया। युवती ने यह रुपये अपने जेवर बेचकर और रिश्तेदारों से उधार लेकर दिए थे। 30 अप्रैल 2022 को नईम अहमद घर आया। इस दौरान युवती ने उसके घर चलने के लिए कहा। तभी नईम ने टैक्सी लाने का बहाना बनाकर एक लाख रुपये ले लिए और वहां से चला गया। युवती ने फोन किया तो नईम अहमद ने स्पष्ट कह दिया कि उसने रुपये ठगने के लिए प्रेमजाल में फंसाया था, जिस पर युवती ने गजरौला थाने में नईम अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी, दुष्कर्म व उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। बाद में पुलिस ने नईम न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। इस मामले में नईम अहमद जमानत पर है। जबकि किसी दूसरे मुकदमे में जेल में बंद है। धर्मांतरण के इस मामले की सुनवाई एफटीसी प्रथम में चल रही है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने बताया कि प्रकरण में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है। अब 24 जुलाई को मामले में न्यायालय का फैसला सकता है।