सूचना पाकर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। इसके बाद टीम रात में क्षेत्र में पहरा देने की बात कह कर वापस लौट गई।
बता दें कि चाकी खेड़ा गांव में उमेेश सिंह की ईख में कई दिनों से तेंदुए के होने की आशंका जताई जा रही है।
बृहस्पतिवार की सुबह ईख से सटे खाली खेत में तेंदुए के शावकों के पंजो के निशान मिलने से वन विभाग को भी क्षेत्र में मादा तेंदुआ के साथ उसके शावकों की मौजूदगी का अहसास हो गया था। देर शाम दूर खेतों में पानी लगा रहे ग्रामीणों ने तेंदुआ और उसके शावकों को उमेश सिंह की ईख के पास टहलते हुए देखा भी था। शुक्रवार की दोपहर उमेश सिंह और उसकी पत्नी मुन्नी अपने बच्चों के साथ ईख काट रहे थे। उसी समय ईख में जंगली जानवर होने की आहट सुनाई दी। अजीब सी आवाजें भी आ रही थीं।
इससे वह परिवार के साथ वहां से भाग खड़े हुए और वन विभाग को खबर कर दी। वन विभाग कुमराला प्रभारी राकेश कुमार, वन दरोगा आरपी यादव और माली मनोहर सिंह मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। लेकिन कुछ हाथ नहीं लग सका। प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि ग्रालमीणों के अनुसार अंधेरा होने पर तेंदुआ और उसके शावक बाहर आते हैं। इसलिए शुक्रवार की रात मौके पर पहुंच कर टीम सर्च करेगी। तेंदुए की पुख्ता लोकेशन मिलने पर पिंजरों का बंदोबस्त किया जाएगा।