झोलाछाप से दवाई लेने के बाद बुखार से पीड़ित किशोर की तबीयत बिगड़ गई। परिजन गंभीर हालत में लेकर उसे मेरठ पहुंचे, जहां किशोर की मौत हो गई। परिजनों ने झोलाछाप पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। वहीं, झोलाछाप दुकान करके भाग गया है।
गांव बीजनपुर में किसान प्रेमपाल सिंह का परिवार रहता है। उनके बेटे राजकुमार (16) को रविवार को बुखार आया था। परिजन उसे गांव में ही झोलाछाप के पास लेकर पहुंचे था, जहां झोलाछाप के इलाज शुरू करते ही किशोर की हालत और ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिजन किशोर को मेरठ ले गए, जहां उपचार के दौरान सोमवार शाम किशोर की मौत हो गई। मौत के बाद मृतक का शव परिजन घर लेकर पहुंचे और झोलाछाप को बुलाया, लेकिन वह दुकान बंद करके भाग गया।
इसके बाद परिजनों ने झोलाछाप की दुकान पर जमकर हंगामा काटा। बाद में मृतक के शव का बिना कानूनी कार्रवाई के ही अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक तीन भाई बहनों में सबसे बड़ा था और हरियाणा में ढाबे पर काम करता था। नोडल अधिकारी डॉक्टर शरद कुमार का कहना है कि मामला जानकारी में है। टीम भेज कर झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।