अमरोहा। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता का विरोध किया। उन्होंने पहले बीएसए कार्यालय परिसर में धरना दिया और बाद में कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा।
बृहस्पतिवार को टीएफआई के तमाम शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचे और धरना दिया। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री नरेश कौशिक ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2025 में सभी परिषदीय विद्यालय शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य की है। इस आदेश के बाद शिक्षकों में विरोध बढ़ता जा रहा है। जिले के शिक्षकों ने भी एकजुटता दिखाते हुए एक घंटे तक धरना दिया। साढ़े तीन बजे उन्होंने बीएसए कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला।
वक्ताओं ने कहा कि यह आदेश किसी भी स्तर पर सही नहीं है। कोर्ट के इस आदेश से शिक्षक मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। उन्होंने टीईटी अनिवार्यता के आदेश को खत्म करने की मांग की है। इस दौरान जिला महामंत्री राजदीप सिंह, हरिओम त्रिवेदी, मुकेश चौधरी, डॉ. पृथ्वी सिंह, विपिन पंघाल, विनोद कुमार गौतम, रामवीर सिंह, हीरा सिंह, पीतम सिंह, अनिल कुमार, जगवीर सिंह, धनीराम सिंह और धर्मेंद्र सिंह मौजूद रहे।